ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर में बच्चे सबसे अधिक स्लोचन का नशा कर रहे हैं। रेलवे स्टेशन से लेकर गली मोहल्लों में छोटे बच्चे कबाड़ बीनते हुए दिखाई दे जाएंगे। जिनके एक हाथ में कपड़ा होता जिसमें स्लोचन लगा होता है। जिसकी खुशबू से यह नशा की आपूर्ति करते हैं। स्लोचन सबसे सस्ता नशा माना जाता है और जो हर जगह उपलब्ध है। जिस पर पुलिस, प्रशासन की भी नजर नहीं होती। हालांकि तीन साल पहले पुलिस ने स्लोचन बेचने वालों पर कार्रवाई की थी और उन्हें स्लोचन बेचने का रिकार्ड भी रखने के निर्देश दिए थे जिससे बच्चों के हाथों तक यह न पहुंच सके। लेकिन इसके बाद पुलिस ने पलटकर नहीं देखा। नईसड़क,राम मंदिर, कैलाश सिनेमा के पास बच्चे गली में बैठकर स्लेाचन का नशा करते हैं। क्योंकि यह बच्चे कैलाश टाकीज के पास स्थित दुकान पर कबाड़ बेचकर, वहीं पर दुकानों से स्लोचन खरीदकर नशा कर टाकीज के सामने फ्लेक की दुकानों के पीछे गलियों में पड़े रहते हैं। स्मैक व गांजे की पुड़िया चाहिए तो आप कैलाश टाकीज,गोल, गैंड़ेवाली सड़क, सत्यनारायण की टेकरी क्षेत्र में आसानी से उपलब्ध है। नाम न छापने की शर्त पर गैंड़ेवाली सड़क गोल में रहने वाले युवक ने बताया कि वह स्मैक खुद नहीं बेचता। बल्की जो लोग स्मैक का नशा करते हैं उन्हीं से स्मैक की पुड़िया बिकवाते हैं। दस पुड़िया पर एक पुड़िया मुफ्त देते हैं। स्मैक की पुड़िया यह लोग माचिस की डिब्बी में या फिर जैसे चाहें बेचते हैं। सत्यानारायण की टेकरी पर कुछ लोग बल्क में माल/स्मैक/ इटावा से मंगवाते हैं जो शहर के अलग अलग हिस्से जैसे अबाड़पुरा,सेवानगर,शंकरपुर,हजीरा, गोल पहाड़िया तक सप्लाई करते हैं। शहर में अलग अलग हिस्से में बैठे लेाग अब अपना अपना कारोबार करने लगे है जो झांसी-दतिया के रास्ते माल ला रहे हैं। इसी तरह से गांजा की सप्लाई शिंदे की छावनी,नई सड़क, लक्ष्मीगंज,बाड़ा पर नजर बाग व टोपी बाजार,सदर बाजार मुरार,डीडी नगर, शिकंदर कंपू व गिरवाई में अच्छी खपत है। गांजा पान की गुमटियों पर भी उपलब्ध मिल जाता है। 400 रुपये में 25 ग्राम गांजा उपलब्ध कराया जाता है। मानव अधिकार आयोग के निर्देश पर ग्वालियर कलेक्टर ने स्कूल,मंदिर के आसपास सिगरेट,पुडि़या बेचना प्रतिबंधित किया। स्कूल संचालकों को निर्देश दिए थे कि 100 मीटर के दायरे में यदि किसी भी गुमठी पर तंबाकू प्रोडक्ट बिकता है तो उसे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं। लेकिन इस आदेश को निकले एक करीब एक साल हो चुका है। स्कूल व मंदिर से सटकर खुली दुकानों पर तंबाकू उत्पाद बिकते हैं और किशोरों में गुटखा व सिगरेट का तेजी से प्रचलन बढ़ रहा है पर न तो अबतक किसी स्कूल संचालक ने शिकायत की और न ही पुलिस व प्रशासन ने अबतक कोई एक्शन लिया।

Posted By: anil tomar

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