Gwalior Chambal Zone Assembly Seats वरूण शर्मा, ग्वालियर नईदुनिया। मतदान के लिए सुबह-सुबह चुनाव एजेंटों के सामने मॉक पोल करने के बाद मतदान शुरू होने पर मॉक पोल भूलकर भी नहीं जुड़ सकेंगे। अभी तक मॉक पोल जुड़ने के बाद अलग-अलग केंद्रों पर यह सबसे बड़ा झंझट बनकर सामने आता था, जिसमें पीठासीन अधिकारी व अमले को सख्ती तक झेलना पड़ती थी।

अब चुनाव आयोग ने पहली बार ऐसी व्यवस्था की है कि पीठासीन अधिकारी को मतदान के पहले हर हालत में बैलेट यूनिट को क्लियर करना ही होगा। इसके लिए शपथ पत्र का ऐसा फार्मेट बनाया है, जो तीन चरणों में होगा। इसमें पीठासीन अफसर को लिखना होगा कि- हां मैने बैलेट यूनिट के मॉक पोल क्लियर कर दिए हैं, मैने यह चुनाव एजेंट को भी पुष्टि करा दी है। अब बैलेट यूनिट में शून्य वोट दिख रहे हैं। सभी मतदान केंद्रों से यह फार्मेट आयोग को भेजे जाएंगे।

ग्वालियर जिले में ग्वालियर पूर्व, ग्वालियर और डबरा विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव होना है। इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली है। इस बार आयोग के निर्देश पर पीठासीन अफसर को ए,बी और सी तरह के तीन शपथ पत्र स्वरुप फार्मेट में भरकर देना होगा।

ऐसे होती थी चूक

सुबह 7 बजे से मतदान का समय है। मतदान दल अपने-अपने केंद्रों पर उपचुनाव में 90 मिनट पहले मॉक पोल करेंगे। इसका मतलब सुबह 5.30 मिनट पर मॉक पोल शुरू किया जाएगा। मॉक पोल के 50-50 वोट हर केंद्र में डाले जाते हैं। इसके बाद बैलेट यूनिट को बिना क्लियर करे पीठासीन अधिकारी असल मतदान शुरू करा देते हैं। मतदान पूरा होने के बाद जब वीवीपैट मशीन की पर्ची गिनी जाती हैं तो अंतर आता है।

इस बार यह होगा

पीठासीन अधिकारियों को आयोग की ओर से जारी किए गए फार्मेट में तीन चरणों में कंट्रोल यूनिट क्लियर करके लिखना होगा कि मैने बैलेट यूनिट क्लियर कर दी है। मुझे बैलेट यूनिट पर शून्य दिख रहा है और चुनाव एजेंट को बता दिया गया है। यह एक तरह का पंचनामा जैसा भी होगा। फार्मेट मंे पीठासीन अधिकारी का नाम,केंद्र का नाम और मतदान दल का भी विवरण जाएगा और सभी के हस्ताक्षर होंगे।

पहले क्या होता था

अभी तक चुनाव में निर्वाचन आयोग की ओर से बैलेट यूनिट को क्लियर न करने वाले मतदान केंद्रों की सूची जाती थी। आयोग के पास नाम नहीं पहुंचते थे। इसके बाद आयोग जिला निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से नाम मांगता था और क्या कार्रवाई की गई इसका स्टेटस लिया जाता था।

मॉक पोल जुड़ने की त्रुटि नहीं होगी

आयोग की ओर से मॉक पोल होने के बाद पीठासीन अधिकारी को शपथ पत्र का फार्मेट देना होगा, जो तीन चरणों में है। इसमें वह खुद लिखकर हस्ताक्षर करेगा कि उन्होंने बैलेट यूनिट के मॉक पोल क्लियर कर दिए हैं।

आशीष तिवारी,उप जिला निर्वाचन अधिकारी,ग्वालियर

Posted By: Prashant Pandey

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