वरूण शर्मा, ग्वालियर नईदुनिया। शब्द प्रताप आश्रम के पास स्थित भूतेश्वर मंदिर परिसर में रह रहे पुजारी अमन शर्मा को परिवार सहित बेदखल करने के मामले मे पीड़ित परिवार ने पुलिस और प्रशासन से गुहार लगाई है। एसपी और क्लेक्टर को सौंपे गए आवेदन में भूतेश्वर मंदिर के ट्रस्ट के लोगों की शिकायत की गई है । तहसीलदार लश्कर ममता शाक्य के नेतृत्व में मय फोर्स व निगम अमले के साथ कार्रवाई की गई थी, जिसमें तीन कमरों के मकान में सामान को बाहर कर तीनों को सील कर दिया गया था। परिवार का कहना है कि बिना मौका दिए अचानक कार्रवाई की गई और कब्जे को लेकर कोर्ट से केस भी जीत चुके हैं। यह मंदिर राजस्व रिकॉर्ड में सिंधिया देवस्थान ट्रस्ट के नाम से दर्ज है। देर रात तक परिवार मंदिर की देहरी पर धरना भी दिया था।मंदिर के पुजारी अमन शर्मा ने बताया कि डेढ सौ सालों से उनका परिवार मंदिर का पुजारी रहा है और 2010 में पिता की मृत्यु के बाद उन्हें पुजारी का जिम्मा मिला। सिंधिया स्टेट समय से यह दर्जा परिवार को मिला हुआ है। अमन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट से वह केस जीत चुके हैं और हाई कोर्ट में 23 नवंबर की सुनवाई है, लेकिन प्रशासन ने जानबूझकर कार्रवाई की है। धारा 250 में तहसीलदार को बेदखली का अधिकार नहीं है। अमन की मां ने बताया कि अमन को जबरिया पकड़कर चार घंटे के लिए बहोड़ापुर थाना भिजवा दिया गया था और बल प्रयोग के साथ कार्रवाई की। इस मामले में गुरुवार को नोटिस चस्पा किया गया और शुक्रवार को बेदखली कर दी गई। अमन का आरोप है कि सिंधिया के कहने पर यह कार्रवाई की गई है।

वर्जन-

तहसीलदार कोर्ट में पुजारी की ओर से दावा किया गया था, जिसका निराकरण होने पर बेदखली के आदेश जारी किए गए। परिवार को पूरा मामला जानकारी में है और कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। किराएदार बतौर यह रह रहे थे और धारा 250 के तहत यह कार्रवाई की गई है।

ममता शाक्य,तहसीलदार,लश्कर

Posted By: vikash.pandey

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