ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शुद्ध खाद्य वस्तुएं प्राप्त करना नागरिक का अधिकार है। यदि कानून में किसी प्रकार की कमी है, तो शासन को इस बात से अवगत कराना चाहिए। कानून के परिपालन में यदि कहीं दिक्कत है, तो वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करना चाहिए। यह बात मध्यप्रदेश शासन के अतिरिक्त महाधिवक्ता एमपीएस रघुवंशी ने शनिवार को कही।

शनिवार को राजपायगा रोड स्थित जैन छात्रावास में कैट द्वारा खाद्य व्यापारियों का 'मिलावट से मुक्ति अभियान" के अंतर्गत जागरूकता शिविर आयोजित किया गया था। जहां रघुवंशी ने कहा कि हम जनता के प्रतिनिधि हैं, व्यापारियों का यह दायित्व है कि वह किसी भी प्रकार की मिलावटी खाद्य सामग्री का विक्रय न करें।

अतिरिक्त महाधिवक्ता अंकुर मोदी ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम की व्याख्या करते हुए कहा कि यदि किसी व्यापारी ने एक्सपायरी सामान डेट बदल कर दिया है, तो धोखाधड़ी का केस दर्ज होगा। शासन की मंशा है कि लोगों को शुद्ध वस्तु प्राप्त हो। खाद्य आैषधीय विभाग के अभिहित अधिकारी डिप्टी कलेक्टर संजीव खेमरिया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कहा कि शासन की मंशा खाद्य वस्तुओं में मिलावट रोकने की है। कैट के प्रदेशाध्यक्ष भूपेंद्र जैन ने कहा कि हमारा उद्देश्य कानून विशेषज्ञों को, प्रशासनिक अधिकारियों को एवं व्यापारियों को एकत्रित कर इस विषय पर गंभीर चिंतन करना है। बैठक में कैट के जिलाध्यक्ष रवि गुप्ता, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष जेसी गोयल, संयुक्त सचिव मयूर गर्ग, दीपक पमनानी आदि मौजूद रहे।

जिले में जारी है कार्रवाईः जिले में मिलावटखाेराें के खिलाफ खाद्य एवं आैषधीय विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसकाे लेकर व्यापारियाें में खासा आक्राेश भी है। व्यापारियाें की शंकाआें के समाधान के लिए ही जागरूकता शिविर का आयाेजन किया गया था।

Posted By: vikash.pandey

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