दीपक सविता. ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि) उत्तर मध्य रेलवे क्षेत्र में सर्दी का मौसम आते ही काफी कोहरा छाने लगता है। हालत यह रहते हैं कि दृश्यता काफी कम हो जाती है। कहीं कहीं पर कुछ फीट दूरी तक ही व्यक्ति देख सकता है। ऐसे में दुर्घटनाएं होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। कोहरे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और ट्रेनों का परिचालन करने के लिए रेलवे कई प्रकार के तरीके अपना रहा है। साथ ही लगातार एक दूसरे मंडलों से उनके द्वारा किए जा रहे उपायों को भी साझा किया जा रहा है।

कोहरे में दुघर्टनाओं को रोकने के लिए रेलवे ने 15 नवम्बर से रेलवे ट्रेक पर रात के समय पेट्रोलिंग प्रारंभ करा दी है। इसके चलते लगातार रेलवे के ट्रेकों की निगरानी हो रही है, साथ ही इस दौरान आने वाली ट्रेन को सिग्नल आदि भी दिए जा रहे हैंं वहीं उचित दृश्यता सुनिश्चित करने के लिए यात्री ट्रेनों के एसएलआर और मालगाड़ी के गार्ड वैन पर रेट्रोफ्लेक्टिव क्रॉस मार्क और फ्लेशिंग टेल लैंप लगाने का प्रावधान किया गया है। वहीं कोहरे के दौरान देखने की क्षमता का आंकलन करने के लिए विजिविलिटी जांच भी की जा रही हैं। इसके साथ ही रिट्रोरिफ्लेक्टिव साइनेज व वीएचएफ सेट ट्रेनों के अंदर स्टॉफ को उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही डेटोनेटर, सिग्नल से पहले चूना अंकन आदि कार्य भी लगातार उत्तर मध्य रेलवे मंडलों में किए जा रहे हैं। वहीं सर्दी के दौरान स्टेशन पर यात्रियों को गर्म भोजन एवं चाय आदि मिल सके इसके लिए भी काउंटर खोले गए हैं।

Posted By: anil.tomar

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