- सीजन की औसत वर्षा है 706 मिमी, अब हो चुकी है 713.8 मिमी, सात मिमी अधिक हुई

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बंगाल की खाड़ी से आया कम दवाब का क्षेत्र की वजह से दो दिनों तक शहर में झमाझम वर्षा हुई। इस वर्षा से औसत का कोटा पूरा हो गया है। शुक्रवार को वर्षा का दौर थम गया। इससे धूप निकल आई। उमस भरी गर्मी ने बेहाल करना शुरू कर दिया। हवा में नमी होने की वजह से शाम तक वर्षा की स्थिति बनेगी। अधिकतम तापमान 30 डिसे रिकार्ड हो सकता है। मौसम विभाग ने 23 सितंबर को भी वर्षा के आसार जताए हैं। हलकी से मध्यम वर्षा हो सकती है। अंचल में 30 सितंबर तक मानसून सक्रिय होने के आसार हैं।

बंगाल की खाड़ी से आए कम दबाव के क्षेत्र की वजह से पिछले दो दिनों शहर में वर्षा की झड़ी जारी है। पिछले 24 घंटे में 64 मिमी वर्षा हो चुकी है। रीवा, बुंदेलखंड में वर्षा करते हुए सिस्टम ग्वालियर चंबल संभाग पहुंच गया। इस कारण सुबह चार बजे तेज वर्षा हुई। उसके बाद रुक-रुक कर बूंदाबांदी जारी रही। लेकिन दोपहर में शहर में काली घटाएं छा गई हैं। एक घंटे तक झमाझम वर्षा हुई। वर्षा से शहर की सड़कें जलमग्न हो गई। जगह-जगह पानी भर गया। बादलों के चलते धूप भी नहीं निकली थी। यह चक्रवातीय घेरे के रूप में ग्वालियर चंबल संभाग के ऊपर है, जिससेरातमें रुक-रुक कर वर्षा हुई। सुबह काली घटाएं छा रही और आठ बजे आसमान साफ हो गया।

सबसे ज्यादा वर्षा घाटीगांव में दर्ज

-इस सिस्टम का असर सबसे ज्यादा घाटीगांव में रहा है। 86.4 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। उसके बाद डबरा में 33.3 मिमी, भितरवार 22 मिमी, चीनोर में 15 मिमी वर्षा हुई है। यदि घांटीगांव में हुई वर्षा तिघरा के कैचमेंट हुई है, तो तिघरा भर सकता है। पूरी सीजन में इतनी वर्षा एक साथ घाटीगांव में दर्ज नहीं हुई है।

- ग्वालियर चंबल संभाग में 30 सितंबर तक मानसून सक्रिय रहेगा। हवा में नमी ने से स्थानीय प्रभाव से वर्षा का दौर जारी रहेगा।

इनका कहना है

- कम दवाब का क्षेत्र ग्वालियर-चंबल संभाग के ऊपर कमजोर पड़कर चक्रवातीय घेरे के रूप में बदल गया है। चक्रवातीय घेरे के कारण 23 सितंबर की सुबह तक तेज व हलकी वर्षा का दौर जारी रहेगा। 24 को हलकी वर्षा रहेगी। इसके बाद समान साफ हो जाएगा। धूप निकलने लगेगी।

डा वेदप्रकाश सिंह, रडार प्रभारी मौसम केंद्र भोपाल

Posted By: anil tomar

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