ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि। उपनगर ग्वालियर में एक 14 वर्षीय बालिका के साथ ज्यादती का मामला सामने आया है। बालिका के साथ उपनगर ग्वालियर में स्थित धर्मशाला में गलत काम किया गया। इस मामले में ग्वालियर थाना पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में एफ आई आर दर्ज की गई है।

मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली 14 वर्षीय बालिका अपने परिवार के साथ ग्वालियर आई थी। यहां उसका रिश्तेदार रहते हैं। बालिका के रिश्तेदार के पड़ोस में रहने वाला रोहित खान उसके घर आया। बालिका से बात की और उसे बहाने से घर के पास बनी धर्मशाला ले गया। यहां उसके साथ अश्लील हरकत शुरु कर दी। बालिका ने जब विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी। बालिका के साथ ज्यादती कर डाली। उसे धमकाकर यह कहा की अगर किसी से कुछ भी कहा तो जान से मार देगा। किशोरी घर पहुंची, वह यहीं गुमसुम बैठ गई। इसकी मां ने जब बात की तब उसने रोते रोते पूरी घटना बताई। इसके बाद किशोरी को इसकी मां अपने साथ लेकर ग्वालियर थाने पहुंचा। यहां उसका मेडिकल टेस्ट कराया गया, फिर दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट की धारा में एफ आई आर दर्ज की। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

कोर्ट ने भांजी को माना उत्तराधिकारी

अपर सत्र न्यायालय ने उत्तराधिकारी घोषित किए जाने को लेकर दायर अपील पर फैसला किया है। भांजी को उत्तराधिकारी मानते हुए 14 अक्टूबर 2022 को तलब किया है। इश्त्याकी बेगम का निधन 6 मई 2016 को हो गया था। उनका कोई वैध उत्तराधिकारी नहीं था। उनके 6 लाख 77 हजार रुपये डा.आंबेडकर माध्यमिक विद्यालय हेम सिंह की परेड में जमा है। इस पैसे के लिए भांजी ने दावा पेश किया था, लेकिन उसके दावे को खारिज कर दिया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां दावा पेश किया, लेकिन न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दावे को खारिज कर दिया। इसकी अपील साजिया खान ने अपर सत्र न्यायालय में की थी। तर्क दिया कि इश्त्याकी बेगम कोई वैध वारिश नहीं है। अब वही अकेली वारिश बची हैं।

Posted By: anil tomar

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