- बीएससी 2020 के चार्ट हैं, इन चार्टों को न फेंका जाता है और न जलाया, यह मूल रिकार्ड होता है

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जीवाजी विश्वविद्यालय के टेबुलेशन चार्टों से शहर में रावण, कुम्भकर्ण व मेघनाद के पुतले तैयार किए जा रहे हैं। पुतले वालों को यह चार्ट रद्दी की दुकान से मिले हैं। चार्ट बीएससी 2020 की परीक्षा के हैं। टेबुलेशन चार्ट को न जलाया जाता है और न रद्दी में बेचा जाता है। क्योंकि विश्वविद्यालय का मूल रिकार्ड होता है, जिससे सुरक्षित रखा जाता है। जिसके आधार पर विद्यार्थी की मार्कशीट बनाई जाती है और सुधार किया जाता है। इन चार्टों को रद्दी में बेचे जाने को लेकर अब सवाल खड़े हो रहे हैं।

गोले के मंदिर पर रावण, मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतले बनाए जा रहे हैं। इन पुतलों में जो कागज का उपयोग किया जा रहा है, उसे बनाने वाले रद्दी की दुकान से लेकर आए हैं। पुतलों में जीवाजी विश्वविद्यालय के टेबुलेशन चार्ट का उपयोग किया जा रहा है। इन चार्टों को लेकर सवाल खड़ा हो रहा है कि ये रद्दी में कैसे बिक गए। जबकि रद्दी में कापियां व अन्य सामग्री बिकती है। टेबुलेशन चार्ट को नष्ट नहीं किया जाता है। ज्ञात है कि 2020 में जेयू में बीएससी नर्सिंग के रिजल्ट का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ था।

इसलिए सवाल खड़े हो रहे चार्टों को लेकर

-जेयू में फेल विद्यार्थियों को पास करने के मामले कई बार उजागर हो चुके हैं। चार्टों को बदलकर यह कारनामा किया जाता है। बीएससी नर्सिंग का घोटाल भी इसी तरह होता है।

- जेयू ने रद्दी बेचने का ठेका दे रखा है। इसमें कापियां सहित अन्य सामग्री बेची जाती है, लेकिन टेबुलेशन चार्ट नहीं बेचे जा सकते हैं।

इनका कहना है

- टेबुलेशन चार्ट को सुरक्षित रखा जाता है। इस दस्तावेज को नष्ट नहीं किया जाता है। टेबुलेशन चार्ट कैसे बाहर पहुंचे हैं, उसकी जांच कराएंगे। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

राजेंद्र कुमार बघेल, कुलसचिव जेयू

Posted By: anil tomar

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close