ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयं सेवकों एवं अनुषांगिक संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा रविवार को तिरंगा बाइक यात्रा का आयोजन किया गया। यह तिरंगा यात्रा बायजा बाई उद्यान, लेडीज पार्क, केशव नगर, छत्री बाजार से लक्ष्मीगंज, गोल पहाड़िया, तारागंज, महाराज बाड़ा और जनकगंज होते हुए छत्री बाजार पर समाप्त हुई। रैली के प्रारंभ में सत्य इतिहासज्ञ द्वारा बताया गया कि वीर सावरकर और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर ये झूठा आरोप लगाया जाता है कि 1947 में इन्होंने राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया था। यह आरोप सर्वथा असत्य है। सत्य यह है कि वीर सावरकर 15 अगस्त 1947 को सुबह पांच बजे ही उठ गए थे। उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं था, फिर भी प्रसन्नता के साथ वे जीने चढ़कर छत पर गए। उन्होंने भगवा ध्वज के साथ ही तिरंगा ध्वज भी लहराया। दोनों झंडों को प्रणाम किया, बाद में उन्होंने हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय ध्वज के महत्व को भी समझाया था। इसी प्रकार उस दिन गुरु गोलवलकर ने भी संघ कार्यालय पर संघ ध्वज के साथ ही तिरंगा लहराया था, लेकिन बाद में दुर्भाग्यवश शासन द्वारा कानून बनाया गया कि तिरंगा कुछ प्रतिष्ठानों पर ही लगाया जा सकता है। इस कारण संघ कार्यालय पर तिरंगा लगाना कानूनन अवैध हो गया। बाद में वर्ष 1997 में जब भारत की स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती के अवसर पर कांग्रेस ने नागपुर में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया, तो नागपुर के संघ चालक ने उन्हें संघ कार्यालय में सादर आमंत्रित किया। सभी का स्वागत करने के बाद संघ चालक स्वयं छत पर चढ़े और तिरंगा लगाया। तब उस कार्यक्रम में नागपुर के संघ के वरिष्ठ अधिकारी सतीश करकरे भी विशेष रूप से उपस्थित थे।

विभाजन विभिषिका पर मौन जुलूस निकाला

भारतीय जनता पार्टी शहीदभगतसिंह_मंडल द्वारा रविवार को मुरार नगर में विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस के अवसर पर मौन जुलूस का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य रुप से ग्वालियर के सांसद विवेक नारायण जी शेजवलकर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा ,पंकज पाठक सहित जिला एवं मंडल पदाधिकारी,वरिष्ठ जन सभी वार्डों के पार्षद गण,कार्यकर्ता उपस्थित थे।

Posted By: anil tomar

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