Russian citizen News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ग्वालियर की जर्जर सड़कों ने अब एक रशियन नागरिक का पैर तोड़ डाला। दिल्ली से बाइक से ग्वालियर आया रशियन नागरिक जैसे ही पुरानी छावनी इलाके में पहुंचा, यहां सड़क पर अंधेरे में उसे गढ्डा नजर नहीं आया। जैसे ही बाइक का पहिया सड़क के अंदर गया तो बाइक अनियंत्रित होकर गिर पड़ी। रातभर रशियन नागरिक सड़क पर घायल अवस्था में पड़ा रहा। उसे पुलिस ने जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया, जहां ट्रांसलेटिंग एप के जरिये उसने अपना दर्द यहां मौजूद लोगों को बताया।

यहां बता दें कि बदहाल सड़कों की वजह से प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ने चप्पल छोड़ दी थी, इसके बाद भी शहर की सड़कों के हालात नहीं सुधरे। रशिया का रहने वाला सिरगई कुछ समय से भारत में ही है। वह अलग-अलग शहरों में बाइक से घूमता है। दिल्ली से बाइक से ग्वालियर के लिए निकला था। वह रात को जैसे ही पुरानी छावनी इलाके में पहुंचा तो सड़क पर गहरा गढ्डा था। उसे अंधेरे में गढ्डा नजर नहीं आया और बाइक फिसली फिर वह गिर पड़ा। वह सड़क किनारे कराह रहा था। ़किाफी देर बाद यहां से कुछ लोग गुजरे, जिन्होंने पुलिस को सूचना दी। विदेशी नागरिक घायल अवस्था में पड़े होने पर पुलिस भी पहुंची। उसे तुरंत जयारोग्य अस्पताल भिजवाया गया। जहां उसने ट्रांसलेटिंग एप के जरिये अपनी पीड़ा बताई। उसने पूरी घटना की जानकारी दी। उसके पैर की हड्डी टूटने की वजह से प्लास्टर चढ़ाना पड़ा। उसने बताया कि उसके दादाजी भारतीय संस्कृति और भारतीय फिल्मों को बहुत पसंद करते थे।

नाबालिग से दुष्कर्म व त्महत्या के लिए प्रेरित करने वाले को विचारण से पहले किया दोषमुक्त

विशेष सत्र न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म व उसे अात्महत्या के लिए प्रेरित करने वाले आरोपित योगेश पाल को दोषमुक्त कर दिया। उसे विचारण शुरू होने से पहले ही अारोप मुक्त कर दिया। पुलिस चालान में आरोपित के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं जुटा सकी थी, जिससे उसके खिलाफ विचारण किया जा सके।

अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया ने बताया कि एक नाबालिग ने 28 जनवरी 2022 को जहर खाकर आत्म हत्या कर ली थी। पुलिस मर्ग कायम कर उसे स्वजनों के बयान दर्ज किए। उन्होंने बताया कि नाबालिग योगेश पाल से प्रेम करती थी। उससे विवाह करना चाहती थी। जब योगेश ने उससे विवाह करने से मना कर दिया तो उसने सल्फास की गोली खाली। योगेश के ऊपर दुष्कर्म का आरोप भी लगाया। पुलिस ने डीएनए सैंपल भी लिए। जांच के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया। योगेश पाल की ओर से पैरवी करते हुए भदौरिया ने तर्क दिया कि डीएनए में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। मृतक एक तरफा प्यार करती थी। पुलिस ने जो चालान पेश किया है, उसमें कोई साक्ष्य नहीं है, जिसके आधार पर दोषी ठहराया जा सके। झूठा केस दर्ज किया गया है। कोर्ट ने विचारण से पहले आरोपित को दोषमुक्त कर दिया।

Posted By: anil tomar

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