गुरुद्वारे के बसों से ही ले जाया जाएगा किले पर गुरुद्वारा, परंपरागत रूप से संगतें कीर्तन करते हुए किले की परिक्रमा करेंगीं

ग्वालियर(नईदुनिया प्रतिनिधि)किले पर स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारे पर शुक्रवार से तीन दिवसीय दाताबंदी छोड़ दिवस पर्व शुरू हो गया है। पहले दिन सहज पाठ हुआ और दोपहर एक बजे पाठ का समापन हुआ। परंपरागत दूसरे दिन भी कीर्तन के साथ संगतें शनिवार को कीर्तन करते हुये किले की परिक्रम करेंगीं। तीन दिवसीय पर्व में मुख्य रूप से अमृतसर स्वर्ण रेखा मंदिर से आई संगत के साथ देश-विदेश की संगतें आ रहीं हैं। आज भी संगतें आईं। सेवादारों ने उरवाई गेट से व्यवस्थाओं को संभाल लिया है। सुरक्षा की दृष्टि से शनिवार को निजी वाहनों से किले पर जाना प्रतिबंधित कर दिया है। युवा पैदल ही किले पर ही जा सकेंगें। बुजुर्गों व महिलाओं के अलावा जो लोग किले पर पैदल जाने में असमर्थ है। उनके लिये गुरुद्वारा प्रबंधन ने बसों की विशेष व्यवस्था की है। किले में पर काफी संख्या में लोग पहुंचे। गुरु का लंगर अनवरत चल रहा है।

सहज पाठ हुआ- फूलबाग गुरुद्वारे के अध्यक्ष एचएस कोचर ने बताय कि दाता बंदी छोड़ दिवस पर पहले दिन सहज पाठ हुआ। जो संगतें आईं हैं, वो पाठ करतीं हुईं आतीं है। सहज पाठ ग्रंथी ने किया। पाठ में काफी लोगों ने भाग लिया। पाठ के समापन (भोग) हुआ। परंपरा का निर्वहन करते हुये देश-विदेश से आने वाली संगतें किले की परिक्रम करती है।

आज कीर्तन के साथ परिक्रम होगी- दाताबंदी छोड़ दिवस के दूसरे दिन सुबह चार बजे कीर्तन करते हुये किले की परिक्रम की जाएगी। संगतें कुछ समय के लिए फूलबाग गुरुद्वारे पहुंचकर विश्राम करेंगीं। और उसके बाद किले के लिये संगतें रवाना होंगीं।

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