-बाढ़ के कारण अधिकांश स्टेडियम के मैदान हो गए खराब

-अक्टूबर में बांग्लादेश में होना है महिला क्रिकेट एशिया कप

राजदिल शिवहरे,(ग्वालियर नईदुनिया)। लोहे के पाइप और कुछ तारों से तैयार किया गया जुगाड़ (डी-थैचिंग अटैचमेंट) बेहद कम समय और कम खर्च में बांग्लादेश के क्रिकेट मैदानों की घास से खरपतवार हटा रहा है। चूंकि बाढ़ के कारण यहां के स्टेडियमों के मैदान बुरी तरह खराब हो गए हैं। अक्टूबर में बांग्लादेश को महिला क्रिकेट एशिया कप की मेजबानी मिली है। समय काफी कम है और काम बहुत ज्यादा। ऐसे में चार साल से बीसीबी (बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड) में पिच क्यूरेटर की सेवाएं दे रहे ग्वालियर के संजीव अग्रवाल (बाबी) ने ग्वालियर से साधारण सामग्री मंगाकर डी-थैचिंग अटैचमेंट बना दिया। इसके अच्छे परिणाम मिल रहे हैं।

संजीव अग्रवाल 'बाबी" की जुगाड़ (डी-थैचिंग अटैचमेंट) बांग्लादेश से लेकर भारत में इंटरनेट मीडिया पर धूम मचा रही है। महज 50-55 हजार रुपये खर्च कर बनाई गई इस जुगाड़ की मदद से वे क्रिकेट मैदान से मृत घास, पत्तियां, तना तमाम ऐसी कई जटिल खरपतवार पल भर में उखाड़ देते है। उन्हें पहले इस काम के लिए कई मजदूरों की मदद लेना पड़ती थी और काफी समय खर्च करना पड़ता था। बाबी का कहना है कि डी-थैचिंग अटैचमेंट से मैदानों की 70-75 प्रतिशत खरपतवार को निकालकर मखमली घास उगाई जा सकती है।

बांग्लादेश में नहीं मिले तो डबरा (भारत) से लेकर गए तारः संजीव बताते हैं कि डी-थैचिंग अटैचमेंट को भारत में बने एक प्रतिष्ठित कंपनी के लान-केयर राइड आन के आगे हिस्से जोड़ दिया जाता है। यह अटैचमेंट चार फीट चौड़ा, दो फीट लंबा और करीब एक फीट ऊंचा चौकोर पाइप से बना है। आगे वाले हिस्से में बैरिंग सुविधा से लैस पांच इंच के पहिये लगाए है, जिससे अटैचमेंट तेजी के साथ आगे बढ़ता है। मैदान से खरपतवार निकालने वाले महत्वपूर्ण कार्य के लिए चार एमएम के ठोस तार के दस इंच ऊंचे आंकड़े लगाए हैं। इन पैर नुमा आंकड़ों को उचित अनुपात में आगे के हिस्से में सात और छह की संख्या में लगाया गया है। अटैचमेंट को मिट्टी छोड़कर अन्य स्थान पर एक जगह से दूसरे जगह ले जाने में सुविधा हो और वायर खराब न हो, इसके लिए अटैचमेंट को ऊपर-नीचे करने के लिए एक इंच की लचक (फ्लेक्सिबल) भी रखी गई है। ये वायर बांग्लादेश में कहीं नहीं मिला तो संजीव ने इसे ग्वालियर के समीप डबरा से मंगाया।

ऐसे काम करता है डी-थैचिंग अटैचमेंटः चालक लान-केयर राइड के आगे के हिस्से में जुड़े डी-थैचिंग अटैचमेंट को मैदान में खरपतवार निकालने के लिए दौड़ाता है। अटैचमेंट के आगे के हिस्से में लगे पैर नुमा आंकड़े मृत घास, पत्तियां जैसे तमाम जटिल खरपतवार तेजी के साथ उखाड़ता आगे बढ़ता है। सबसे अच्छी बात जो खरपतवार निकलती है, वो लान-केयर राइड के नीचे लगी गोल बाक्स में जमा होती जाती है। जब बाक्स भर जाता है तो डी-थैचिंग अटैचमेंट को एक साइड रोककर खाली कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया में कर्मचारी के साथ-साथ समय की काफी बचत हो जाती है।

वर्जन-

बाढ़ के कारण मैदान काफी खराब हो गए थे। उन्हें नए सिरे से तैयार करने के लिए समय और बड़ी कंपनी की कीमती मशीन की आवश्यकता थी। मशीन खरीदने की प्रकिया लंबी और कीमती भी है। ऐसे में इनके अभाव में मेरी टीम को काम करना मुश्किल हो रहा था। मेरे दिमाग में जुगाड़(डी-थैचिंग अटैचमेंट) बनाने की बात आई, जिसके सुखद परिणाम भी अब मिल रहे हैं।

संजीव अग्रवाल, पिच क्यूरेटर

Posted By: vikash.pandey

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