Scindia in Gwalior: जाेगेंद्र सेन, ग्वालियर नईदुनिया। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पहली बार गुरुवार को मीसा बंदियों के बीच पहुंचे। श्याम वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में सिंधिया ने सवा सौ मीसा बंदियों का शाल व श्रीफल भेंटकर उन्हें सम्मानित किया। केंद्रीय मंत्री ने इस मौके पर कहा कि आज देश में लोकतंत्र मीसा बंदियों के कारण सुरक्षित है। मंच पर सासंद विवेक नारायण शेजवलकर, जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा, वेदप्रकाश शर्मा, मुन्नालाल गोयल व कार्यक्रम के संयोजक मदन बाथम, जगदीश अरोरा सहित सैकड़ाें की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मीसा बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह लोग सम्मान के हकदार हैं, क्योेंकि इन्ही लोगों की बदौलत आज देश में लोकतंत्र सुरक्षित है और हम खुली हवा सांस ले रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मदन बाथम ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ साहित्यकार जगदीश तोमर उद्बाेधन के दाैरान सिंधिया के संबंध में स्वामी विवेकानंद की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए भावुक हो गए। उनकी आंखे नम हो गईं।

मीसा बंदियों ने सुनाई दास्तांः मीसा बंदियों ने बताया कि लोकतंत्र खतरे में था। सरकार की खिलाफत करने वालों को जेल में डाला जा रहा था। चारों तरफ भय व आतंक का महौल था। लोकतंत्र के सेनानियों ने इसका प्रतिरोध किया। जेल भी गए, कई महीने जेल में रहे, लेकिन झुके नहीं। हम लोगों को जेल भेजने के बाद परिवार के लोगों को परेशान कर दबाव बनाया गया।

Posted By: vikash.pandey

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