shani jayanti 2022: जाेगेंद्र सेन, ग्वालियर नईदुनिया। न्याय के देवता व सूर्य पुत्र शनि जयंती के दिन ज्येष्ठ अमावस्या है, जो सोमवार के दिन सर्वाथ सिद्धि योग व सुकर्मा योग में पड़ रही है। शनि जयंती पर मुरैना जिले के ऐंति गांव में भगवान शनिदेव का तेल व तिल से अभिषेक करने भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। शहर के बहोड़ापुर में ट्रांसपोर्ट नगर, कटीघाटी, दाल बाजार व राम मंदिर स्थित शनिदेव के मंदिर में शनि जयंती की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। शनि जयंती के साथ सोमवती आमवस्या होने के कारण भंडारों का भी आयोजन धर्मावलंबियों द्वारा किया जा रहा है।

शनि जयंती शुभ मुहूर्तः ज्योतिषाचार्य सुनील चाैपड़ा के अनुसार ज्येष्ठ अमावस्या तिथि की शुरुआत 29 मई, रविवार, दोपहर 2 बजकर 54 मिनट से 30 मई, सोमवार, शाम 4 बजकर 59 मिनट तक रहेगी। शनि पूजा का शुभ समय शाम का माना गया है। इस दिन नदी में स्नान करने, पितरों का तर्पण करने और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन पति की लंबी आयु के लिए महिलाएं व्रत रखती हैं। इस दिन धन, धान्य, सुख, वैभव की प्राप्ति के लिए उपाय किए जाते हैं।

शनि जयंती पर सर्वार्थ सिद्धि व सुकर्मा योग होगा फलदायीः इस बार की शनि जयंती सर्वार्थ सिद्धि योग में है। इस योग में शनि देव की पूजा करने से आपकी मनोकामना पूर्ण होगी, क्योंकि सर्वार्थ सिद्धि योग कार्यों में सफलता प्रदान करने वाला है। सर्वार्थ सिद्धि योग में किए गए पूजा पाठ का सुंदर फल प्राप्त होता है। शनि जयंती के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 7:12 बजे से शुरू होकर, 31 मई मंगलवार को प्रात: 5:24 बजे तक रहेगा। जो लोग शनि जयंती पर शनि देव को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो वे इस मुहूर्त में शनि देव की पूजा करें। हालांकि इस दिन सुकर्मा योग भी प्रात:काल से लेकर रात 11:39 बजे तक है। यह योग भी शुभ एवं मांगलिक कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है। इस दिन 11:51 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक पूजा का शुभ समय है।

शनि जयंती के दिन शनिदेव की पूजा कैसे करेंः शनि जयंती के दिन शनि देव की विधि विधान से पूजा करना चाहिए। शनि मंदिर जाकर उन्हें तेल, फूल, काले तिल, उड़द आदि चढ़ाने चाहिए। तेल का दीपक जलाएं। इस दिन शनि चालीसा का पाठ जरूर करें, लेकिन इसके साथ जरूरी है कि ऐसे काम जरूर करें, जो शनि देव को पसंद है, जैसे असहाय, गरीबों की मदद करें। उन्हें भोजन कराएं, सामर्थ्य के अनुसार दान दें। शनि देव कर्मों के अनुसार फल देने वाले देवता हैं, इसलिए अच्छे काम करने से आप पर उनकी कृपा बरसेगी। यहां तक कि ये उपाय शनि की साढ़े साती और ढैय्या तक में राहत दिलाते हैं।

Posted By: vikash.pandey

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