Shardiya Navratri 2020 ग्वालियर।नईदुनिया प्रतिनिधि। नवरात्र 17 अक्टूबर से प्रारंभ हो रहे हैं। शारदीय नवरात्रि माता दुर्गा की आराधना के लिए सबसे श्रेष्ठ मानी जाती हैं। इस वर्ष माता का आगमन घोड़े पर होगा, जबकि विदाई भैंसे पर होगी। वहीं कोरोना महामारी के दौरान भी भक्त सीमित संख्या में माता का दरबार सजाकर आराधना कर सकेंगे।

नवरात्र पर्व अश्विन मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 17 अक्टूबर को सूर्य कन्या राशि में, चंद्रमा तुला राशि में विराजमान रहेंगे। नवरात्र के प्रथम दिन घट स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 23 मिनट से 10 बजकर 12 मिनट तक रहेगा।

नवरात्रि में हर दिन माता के विभिन्न स्वरूप की पूजा-आराधना की जाती है। माता के अलग-अलग स्वरूप की कृपा से भक्तों के अलग-अलग मनोरथ पूर्ण होते हैं। माता की कृपा से भक्त सुख, शक्ति , धन, धान्य, वैभव व ऐश्वर्य से सम्पन्न होते हैं।

नवरात्रों में भक्त लगा सकेंगे पंडाल

नवरात्रों को लेकर शासन ने भी नियमावली जारी की है। इसके अनुसार भक्त पंडाल लगाकर माता की आराधना कर सकेंगे, लेकिन इस साल माता की प्रतिमाएं 6 फीट तक की ऊंची बनाई जाएंगी। साथ ही जिन स्थानों पर माता के पंडाल लगेंगे वहां की पूरी जानकारी पूर्व में ही पुलिस व प्रशासन को भक्तों को देनी होगी। इसके साथ ही पंडाल में 100 से अधिक लोग एकत्रित नहीं हो सकेंगे। साथ ही प्रतिमा के विसर्जन के लिए भी सीमित संख्या में भक्त जा सकेंगे।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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