Shravan 2021: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। श्रावण मास के दूसरे सोमवार से पहले भोले के भक्तों के लिए खुशखबरी है। शहर में आस्था का केंद्र श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर के गर्भ गृह में अब तक भक्तों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा था। मगर अब श्रद्धालु गर्भ गृह में पहुंचकर बाबा अचलनाथ की विधि विधान से पूजा-अर्चना कर सकेंगे। हालांकि भक्तों से कोविड गाइडलाइन का पालन कराने हेतु गर्भ गृह में बैठकर पूजापाठ व अभिषेक करने की अनुमति अभी भी नहीं रहेगी। 2 अगस्त, यानी सावन के दूसरे सोमवार से यह व्यवस्था लागू की जाएगी। श्री अचलेश्वर महादेव न्यास द्वारा यह फैसला शनिवार को लिया है, जिसे लेकर भोले के भक्तों में खुशी है। शिवलिंग की पवित्रता को देखते हुए एल्कोहल से निर्मित सैनिटाइजर को हाथ में लगाकर श्रद्धालु मंदिर के गर्भ ग्रह में प्रवेश ना करें। मास्क लगाए बिना मंदिर परिसर में किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

शारीरिक दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा। साथ ही जिन्होंने अभी तक वैक्सीन नहीं लगवाया है, उनसे मंदिर में प्रवेश न करने की अपील की गई है। कोरोना संक्रमण की आशंका को देखते हुए गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, बुजुर्ग एवं गंभीर बीमार भी मंदिर परिसर में प्रवेश न करें। सोमवार को मंदिर पूरे दिन खुला रहेगा लेकिन अन्य दिनों में सुबह 4 बजे से दोपहर 3 बजे तक मंदिर खुला रहेगा। वहीं दोपहर से शाम 5 बजे तक मंदिर के पट बंद रहेंगे।

शाम को 5 से रात 10 बजे तक भोलेनाथ के श्रृंगार के दर्शन होंगे तथा शाम को 5 बजे श्रंगार के बाद दूध दही चढ़ाना प्रतिबंध रहेगा। श्रद्धालु मंदिर में दीपक बाहर ही लगाएं। निर्णय लेने वालों में अचलेश्वर न्यास के अध्यक्ष अध्यक्ष हरिदास अग्रवाल, सचिव सोनू बाजपेई, महेंद्र भदकारिया, हरी बाबू शिवहरे, वैभव सिंघल आदि शामिल हैं।

Posted By: vikash.pandey

NaiDunia Local
NaiDunia Local