Gwalior Cyber ​​Crime News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। 99 हब- क्रिकेट पर आनलाइन सट्टेबाजी का अड्डा। ग्वालियर को आनलाइन सट्टे का गढ़ बनाने वाली बेवसाइट 99 हब ही है। विदेशी सर्वर से आपरेट हो रही इस वेबसाइट के मास्टरमाइंड तक पहुंचने में पुलिस फिलहाल नाकाम है। आनलाइन सट्टे का कारोबार करने वाले कुख्यात सटोरिये किराए पर बैंक खाते लेकर लेनदेन कर रहे हैं, इसलिए इन तक पुलिस नहीं पहुंच पा रही है। लेकिन इस बार लोकल नेटवर्क को तोड़ने में पुलिस ने सफलता हासिल की है। यही वजह है 49 दिन में ग्वालियर पुलिस ने आनलाइन सट्टे से जुड़े 54 लोगों को पकड़ा है। इसमें सट्टा खिलाने वाले बुकी से लेकर सट्टा लगाने वाले तक शामिल हैं। इनसे पूछताछ में आनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े कई इनपुट पुलिस को मिले हैं, जिस पर पुलिस काम कर रही है। नईदुनिया ने आनलाइन सट्टे के कारोबार में पकड़े गए लोगों से जो इनपुट पुलिस को मिला, उसकी पड़ताल की। पढ़िए रिपोर्ट...कैसे यह पूरा कारोबार चलता है, आखिर क्यों सट्टेबाजी से जुड़े लोगों के लगातार पकड़े जाने के बाद भी यह रुक नहीं रही, कौन है इस कारोबार के पीछे?

क्या है 99 हबः 99 हब क्रिकेट पर आनलाइन बेटिंग की एक वेबसाइट है। ऐसा बताते हैं, इसके पीछे सटोरियों का मास्टरमाइंड संतोष घुरैया है। संतोष वही सटोरिया है, जिसे उज्बेकिस्तान जाने से पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ा गया था। हालांकि उसे जमानत पर छोड़ दिया गया था। वेबसाइट को आइटी विशेषज्ञों से डिजाइन कराया है। विदेशी सर्वर पर साइट आपरेट होती है। इसमें पैसों के लेनदेन के लिए एक पे-वालेट भी बनवाया गया है। इसमें जो खाते लिंक हैं, वह या तो फर्जी दस्तावेज से खुलवाए गए हैं या फिर किराए पर लिए गए बैंक खातों में लेनदेन होता है। जिन लोगों के खाते किराए पर लिए जाते हैं, उन्हें कमीशन मिलता है। यूपीआइ के जरिये भुगतान होता है। जब तक पुलिस इन खातों की पड़ताल करती है, तब तक इन्हें बंद करा दूसरे खाते खोल लिए जाते हैं।

ऐसे चलता है पूरा काम: 99 हब बेवसाइट को गूगल पर डालते ही इसका पेज ओपन होता है। इसके पेज पर क्लिक करने पर आगइन आइडी और पासवर्ड मांगता है। इसके बाद ही पेज खुलता है। लागइन पासवर्ड बुकी उपलब्ध करवाते हैं। ग्वालियर के अलावा प्रदेश के दूसरे शहरों में एजेंट मास्टरमाइंड संतोष के लिए काम करते हैं। यही लोग सट्टा लगाने वालों को लागइन पासवर्ड उपलब्ध कराते हैं। लागइन पासवर्ड डालते ही डैशबोर्ड पर शेयर बाजार की तरह भाव खुल जाता है। इसमें प्रत्येक गेंद, ओवर, खिलाड़ी, टीम और हार-जीत तक के दांव लगते हैं। दो तरह से दांव लगते हैं। एक टीम की हार जीत और दूसरा स्पाट बेटिंग यानी इसमें गेंद, ओवर, खिलाड़ी के हिसाब से सट्टा लगता है। सबसे ज्यादा यही सट्टा शहर में लगता है।

शहर के सटोरिये...ये है पूरी चेन:

संतोष घुरैया: शहर का यह सबसे बड़ा सटोरिया है। देश के बड़े सटोरियों के साथ इसका काम चलता है। मूल रूप से पारसेन का रहने वाला है।

आकाश राणा: संतोष घुरैया का गुर्गा हुआ करता था। कुछ साल पहले तक स्कूटर पर घूमता था। मुरार थाना प्रभारी शैलेंद्र भार्गव बताते हैं, अब ग्वालियर का बड़ा बुकी है और छोटे-छोटे एजेंट को 99 हब की लिंक दे रखी है। इसने सट्टे के कारोबार में काफी पैसा कमाया। यह सटोरिया हाल ही में पकड़ा गया, इस पर मुरार पुलिस ने एफआइआर की।

सागर शर्मा: यह भी संतोष घुरैया से जुड़ा हुआ है। शहर में छोटे सटोरियों को लिंक देता है। हाल ही में इसका नाम विक्की जैसवाल और सन्नी रत्नाकर ने लिया था। इसके बाद इस पर एफआइआर दर्ज की गई।

गली-गली में छोटे एजेंट: आनलाइन सट्टेबाजी के एजेंट गली-गली में हैं। इस बार आइपीएल शुरू होने से पहले ही एसएसपी अमित सांघी ने इस नेटवर्क को तोड़ने का टास्क एएसपी राजेश दंडोतिया, क्राइम ब्रांच के डीएसपी रत्नेश तोमर और क्राइम ब्रांच प्रभारी दामोदर गुप्ता को दिया। आइपीएल शुरू होने से पहले ही पुलिस एक्टिव हो गई थी। साइबर टीम भी एक्टिव थी। यही वजह है- लोकल नेटवर्क तोड़ने में कुछ हद तक पुलिस कामयाब रही है।

शार्टकट से पैसा कमाने की लत, लाखों का कर्ज: शार्टकट से पैसा कमाने की लत ने शहर के छात्र, इंजीनियर, व्यापारी, सरकारी कर्मचारियों तक को आनलाइन सट्टेबाजी की दलदल में धकेल दिया है। एक बैंक कर्मचारी रोहित परिवर्तित नाम- आनलाइन सट्टे की लत लगी, 20 लाख का कर्ज हो गया। आत्महत्या करने की कोशिश की, पूरा परिवार इस त्रासदी को झेल रहा है। हाल ही में मुरार के प्रतीक ज्वेलर्स का संचालक गिल्ली जैन पकड़ा गया, जिसने 31.10 लाख रुपये की लिंक ले रखी थी। जानकार बताते हैं कि यह ऐसा दलदल है, जहां सट्टा लगाने वाले सिर्फ 15 से 20 प्रतिशत लोग ही जीतते हैं, बुकी और खिलाने वाले ही पैसा कमाते हैं।

आंकड़ाें से समझें स्थितिः

थाना- पकड़े गए सटोरिए- जब्त मोबाइल- जब्त वाहन- जब्त रुपये

मुरार- 13- 14- 2 कार- 4.72 लाख

सिरोल- 6- 11- 2 कार- 1 लाख

थाटीपुर- 14- 13- 5 कार, 1 बाइक- 4.06 लाख

पड़ाव- 6- 9- 1 कार- 69 हजार

विवि- 5- 9- 1 कार- 9.13 लाख

गिरवाई- 1- 2- 0- 18 हजार रुपये

बहोड़ापुर- 3- 3- 1 कार- 1.25 लाख रुपये

कोतवाली- 1- 1- 1- 35 हजार रुपये

गोला का मंदिर- 2- 2- 0- 10 हजार रुपये

इंदरगंज- 1- 1- 1 कार- 1.43 लाख रुपये

झांसी रोड- 1-1-0 1.85 लाख रुपये

Posted By: vikash.pandey

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