ग्वालियर/भिंड( नप्र)। सेंट्रल जेल ग्वालियर से भिंड न्यायालय में पेशी पर आने के दौरान आरक्षक व अन्य स्टाफ से मारपीट के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पायल परमार के न्यायालय ने छह आरोपितों को 6-6 माह के कारावास व 300-300 रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई है।

मीडिया सेल प्रभारी एडवोकेट केपी यादव ने बताया कि 25 जुलाई 2018 को आरक्षक जितेन्द्र सिंह भदौरिया निवासी पुलिस लाइन ग्वालियर, एएसआइ विजय सिंह राजपूत व अन्य स्टाफ के साथ सेंट्रल जेल ग्वालियर में हत्या के मामले में आजीवन कारावास काट रहे लालजी सिंह भदौरिया, राकेश भदौरिया उर्फ रक्के, रामवीर भदौरिया, मलखान भदौरिया, राहुल सिंह भदौरिया दो अन्य महिला बंदियों को सरकारी वाहन से भिंड न्यायालय में पेशी कराने पहुंचे थे। वहां परिसर में कमल सिंह व बंदी के अन्य स्वजन ने खाने-पीने सहित अन्य वस्तु देने की कोशिश करने लगे। रोकने पर सभी ने आरक्षक से मारपीट व धमकाना शुरू कर दिया। न्यायालय ने छह आरोपितों को को 6-6 महीने की कारावास की सजा सुनाई है।

मिलावटी गुटखा व सौंफ बेचने वाले को तीन माह की सजा

विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मिलावटी गुटखा व सौंप बेचने वाले दोषी को तीन महीने की सजा सुनाई है। साथ ही 500 रुपये का अर्थदंड लगाया है। 15 अप्रैल 2011 को खाद्य विभाग की टीम इंदरगंज चौराहे पर पहुंची थी। यहां पर टीम अमित चौरसिया की सूर्यनारायण मंदिर के पास स्थित दुकान पर पहुंची। दुकान पर विमल गुटखा व सिटी भुनी सौंफ के पाउच टंगे हुए थे। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने अपना परिचय देते हुए गुटखा व सौंफ के पाउच खरीदे और बिल प्राप्त किया। गुटखा व सौंफ के नमूनों को पैक करके जांच के लिए भेज दिए। यह नमूने मिलावटी निकले। खाद्य विभाग ने कोर्ट में परिवाद दायर किया। 2011 से यह परिवाद लंबित था। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुनाया। अमित चौरसिया को तीन महीने की सजा सुनाई है।

Posted By: anil tomar

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