प्रियंक शर्मा, ग्वालियर नईदुनिया। ग्वालियर से भिंड के बीच मप्र सड़क परिवहन निगम की तर्ज पर शुरू की गई ग्वालियर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कार्पोरेशन की सूत्र सेवा प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के कारण सुचारू नहीं हो पा रही है। एक समय यह बसें ग्वालियर से भिंड और भिंड से ग्वालियर आने-जाने वाले यात्रियों की पहली पसंद बन गई थीं, लेकिन वर्तमान में इन बसों का संचालन परमिट नहीं मिलने की वजह से नहीं हो पा रहा है। बसें न चल पाने की सबसे बड़ी वजह सूत्र सेवा को लेकर निजी बस आपरेटरों का विवाद होना है, क्योंकि वे नहीं चाहते कि सूत्र सेवा मार्ग पर जारी रहे।

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश सरकार ने जिला मुख्यालयों पर सूत्र सेवा योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत जिला मुख्यालय सहित प्रमुख कस्बों से एमपी रोडवेज की तर्ज पर बसें चलाई जाना थी। इन बसों को सरकार ने सूत्र सेवा बस नाम दिया था। इस योजना के तहत ट्रैवल्स कंपनियों से अनुबंध किया गया था, जिसके बाद यह बसें यात्रियों की पसंद भी बनी, लेकिन परिवहन विभाग ने ग्वालियर-भिंड के बीच चलने वाली दो बसों को परमिट जारी नहीं किए हैं। ग्वालियर सूत्र सेवा प्रोजेक्ट के तहत ग्वालियर-भिंड के बीच एसी बस का संचालन किया जा रहा था, लेकिन एक मार्च से एसी बस का संचालन बंद हो गया है। शहर में निजी आपरेटरों के दखल, प्रशासन की अनदेखी और राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते शहर में सूत्र सेवा बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। वर्ष 2018 के सितंबर माह में 36 बसें ग्वालियर आई थीं। इनमें से 26 बसों का संचालन भी शुरू कर दिया गया था। कोरोना संक्रमण के कारण दो वर्षों तक इन बसों का संचालन ठीक तरह से नहीं हो पाया। वर्तमान में ग्वालियर से शिवपुरी के लिए दो, गुना के लिए दो, दतिया के लिए दो, इंदौर के लिए दो, अशोकनगर के लिए एक, भोपाल के लिए दो बसों का संचालन किया जा रहा है।

Posted By: vikash.pandey

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