दीपक सविता, ग्वालियर नईदुनिया। उधमपुर-दुर्ग एक्सप्रेस की दो बोगियों में लगी आग के कारणों का पता लगाने के लिए अधिकारी एवं कर्मचारियों के बयान दर्ज करने का काम पूरा हाे चुका है। अब इन बयानों के आधार पर कमेटी अपनी रिपाेर्ट तैयार करेगी। हालांकि प्राथमिक जानकारी जो सामने आई है, उसके अनुसार आग का कारण यात्रियों के बीड़ी सिगरेट पीना अथवा टायलेट में शार्ट सर्किट को माना जा सकता है। क्योंकि अधिकांश कर्मचारियों का कहना है कि आग यात्रियों द्वारा ज्वलनशील पदार्थ ले जाने के कारण लगी थी। वहीं यात्रियों का कहना है कि अचानक धुंआ उठा और तेजी से आग भड़की थी।

उधमपुर-दुर्ग एक्सप्रेस के एसी कोच में आग लगने से दो कोच जलकर पूरी तरह से नष्ट हो गए थे। इस आगजनी के कारणों की जांच के लिए 20 कर्मचारियों एवं यात्रियों के बयान दर्ज किए गए हैं। वहीं बयानों के आधार पर आग लगने के संभावित कारणों को खोजा गया है। इन बयानाें में आग टायलेट में शार्ट सर्किट एवं यात्री द्वारा बीडी सिगरेट पीने के कारण आग लगने की बात सामने आई है। यात्रियों पर दोषारोपण होने के बाद कर्मचारी और अधिकारी बच जाएंगे, जबकि अगर आग का कारण कुछ और सामने आता तो कर्मचारियों एवं अधिकारियों पर गाज गिर सकती थी। इसी का परिणाम है कि उत्तर मध्य रेलवे ने रेल के कोचों में आरपीएफ एवं टिकट जांच करने वाले अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह जांच करें और देखें कि यात्री अपने साथ ट्रेन में ज्वलनशील पदार्थ नहीं ले जा पाएं। साथ ही पेंट्रीकार में भी किसी भी प्रकार का ज्वलनशील पदार्थ पाए जाने पर रेलवे अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किए जाएंगे।

Posted By: vikash.pandey

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