- चीटी चाल से चल रहा प्रोजेक्ट, ऐसी स्थिर रही नए स्वरूप का स्टेशन बनने में लग जाएंगे सालों

-440.96 करोड़ रुपये खर्च किए जाने से स्टेशन के पुनर्विकास पर

ग्वालियर। (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ग्वालियर स्टेशन के पुनर्विकास का काम चीटी चाल से चल रहा है। रेलवे ने पुनर्विकास के लिए टेंडर पांच जुलाई 2022 को खोल दिए थे। टेंडर खुले 79 दिन बीत गए, लेकिन निर्माण के लिए रेलवे ठेकेदार तय नहीं कर सकी है। इस कारण यह प्रोजेक्ट धरातल पर नहीं दिख रहा है। कागजों में चल रहा है। यदि प्रोजेक्ट के कार्य की गति इस तरह की रही तो काम पूरा होने में सालों लग जाएंगे। इस प्रोजेक्ट की प्रक्रिया चलते-चलते चार साल बीत गए हैं।

वर्ष 2019 में ग्वालियर रेलवे स्टेशन के पनर्विकास की परिकल्पना सामने अाई थी। स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। अाइअारएसडीसी(इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कार्पोरेशन) को दिया गया था, लेकिन कार्पोरेशन भंग हो गया। इसके बाद अक्टूबर 2021 में उत्तर मध्य रेलवे के जोन के पास काम अा गया। जोन के पास अाने के बाद काम में गति नहीं दिखी। जोन ने 29 अप्रैल 2022 को पुनर्विकास के टेंडर जारी किए थे। तीन फर्मों पुनर्विकास के लिए फर्मों से टेंडर भरे थे। पांच जुलाई को उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज स्थित मुख्यालय में टेंडर खोला गया। डी वी प्रोजेक्ट लिटिमिटे कोरबा, केपीसी प्रोजेक्ट हैदराबाद, यूअारसी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने भाग लिया है। टेंडर खोले 79 दिन बीत गए। ठेकेदार तय नहीं हुअा। जिसके चलते स्टेशन पर काम नहीं दिख रहा है। स्टेशन पर भी प्रोजेक्ट की सुगबुगाहट नहीं है।

स्टेशन पर यह किए जाएंगे कार्य

-स्टेशन पर प्रवेश व निकास के लिए दो अलग-अलग भव्य द्वारों का निर्माण कराया जाएगा। स्टेशन की छत को बादलों जैसा तैयार किया जाएगा। आसमान की तरफ देखने पर जिस तरह से कुछ बादल पास नजर आते हैं और कुछ दूर। इसी तरह से छत की डिजाइन भी होगी। जिससे यात्रियों का प्राकृतिक अहसास होगा।

- सपाट छत के बजाय घुमावदार होगी, जिससे यात्रियों को भव्यता का अहसास होगा। तानसेन रोड और रेसकोर्स रोड को आपस में जोड़ने के लिए दो फुटओवर ब्रिज तैयार किए जाएंगे। ये फुटओवर दोनों सड़कों को जोड़ने के साथ-साथ प्लेटफार्म को भी जोड़ेंगे।

-स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए 21 लिफ्ट और 19 एस्केलेटर लगाए जाएंगे। ये सभी कानकोर्स एरिया और प्लेटफार्म से जुड़े रहेंगे। जिससे यात्रियों के प्लेटफार्म तक पहुंचने के लिए अासान होगा।

-स्टेशन पर कुल छह प्लेटफार्म तैयार करने का प्रविधान किया गया है। अभी चार प्लेटफार्म है। नए प्लेटफार्म बनने से अाउटर पर ट्रेन को नहीं रोकना पड़ेगा।

-नया स्टेशन तैयार होने के बाद रेलवे के प्रचलित अनाउंसमेंट सिस्टम में भी बदलाव किया जाएगा। अब यहां ‘यात्रीगण कृपया ध्यान दें...’ से शुरू होने वाले ट्रेन के अनाउंसमेंट नहीं सुनाई देंगे।

-अंग्रेजी और हिंदी भाषा में अलग-अलग अनाउंसमेंट किया जाएगा, जिसमें ग्वालियर के इतिहास व यहां के मुख्य पर्यटन स्थलों के बारे में यात्रियों को बताया जाएगा।

- स्टेशन का कोनकोर्स एरिया 90 मीटर रखा गया है। शापिंग काम्प्लेक्श भी है।

फैक्ट फाइल

- लागत-440.96 करोड़

- कार्य खत्म की समय सीमा-24 महीना

पेड़ भी काटने जाने हैं

- स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य किया जाना है, उस जगह पर 213 पेड़ खड़े हैं। हालांकि इन्हें काटने की अनुमति मिल चुकी है। कर्मचारियों के क्वार्टर भी बने हैं, जिन्हें तोड़ा जाना है। अाफिश भी हटाए जाने हैं।

- स्टेशन का निर्माण किया जाना है, तब यात्रियों की सुरक्षा का भी ध्यान रखना है। टेंडर होने के बाद काम शुरू करने में भी वक्त लग जाएगा। काम शुरू करने में काफी बाधाएं अाएंगी।

इनका कहना है

- जब मैं महापौर था, तब एक महिला स्टेशन का प्रजेंटेशन दिखाने अाई थी। यह काफी लंबे समय से चल रहा है। गति काफी धीमी है। इसको लेकर रेल मंत्री से चर्चा करेंगे। प्रोजेक्ट के बारे में बताएं कि काम तेजी लाए। ताकि प्रोजेक्ट में तेजी अा सके।

विवेक नारायण शेजवलकर, सांसद

- पुनर्विकास के टेंडर खोले जा चुके हैं। तकनीकी कमेटी टेंडरों को जांच कर रही है। टेंडर को तकनीकी रूप से देखना होता है। इसमें समय लगता है। तकनीकी जांच के लिए टेंडर अलोट कर दिया जाएगा। प्रोजेक्ट के काम को लेट नहीं होने देंगे।

डा शिवम शर्मा, सीपीअारओ उत्तर मध्य रेलवे

Posted By:

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close