ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रेलवे के रिटायरिंग रूम का किराया अब निजी होटलों से भी अधिक हो गया है। अब रिटायरिंग रूम की सुविधा रेलवे की सेवा मात्र नहीं रह गया, अब यह व्यवसायिक प्रतिष्ठान बन चुका है। जहां पर यात्री की जरूरत के हिसाब से नहीं मजबूरी के हिसाब से पैसा लिया जाएगा, जबकि इससे कम दाम पर रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित होटलों में रूम उपलब्ध हैं। रिटायरिंग रूम में फिलहाल निर्माण कार्य चल रहा है, इसे मार्च तक यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा।

17 लाख रुपए साल में दिया रिटायरिंग रूम

रेलवे ने आईआरसीटीसी के माध्यम से प्लेटफार्म नंबर एक के ऊपर स्थित रिटायरिंग रूम की जगह किराए पर दी है। एम दिनस्वा एंड रंजीत होटल प्रा लि ने 17 लाख 11 हजार 888 रुपए प्रति साल पर यह जगह ली हे। इस जगह को रिनोवेट कराने में करीब 60 लाख रुपए खर्च किए गए हैं।

बाजार से दोगुना दाम

रेलवे स्टेशन के ऊपर निर्माणधीन रिटायरिंग रूम में ठहरने की दर निर्धारित हो चुकी है। रिटायरिंग रूम में ठहरने वाले यात्रियों को अब पुरानी दर के मुकाबले दो गुना अधिक सुविधा शुल्क अदा करना होगा, जो बाजार से करीब दोगुना शुल्क है।

रिटायरिंग रूम का किराया

रिटायरिंग रूम में 10 डबल बेड रूम उपलब्ध हैं, जबकि डोरमेट्री के 16 केबिन बनाए जा रहे हैं। बकि टीसी रूम में 5 डोरमेट्री बनाई जानी हैं। रिटायरिंग रूम में एक बार में करीब 41 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है।

मार्केट के होटलों में उपलब्ध सुविधा के आधार पर रेलवे रेट डिसाइड करती है। जो मार्केट से कम होता है तथा सुविधाएं अधिक उपलब्ध होती हैं। - मनोज सिंह, पीआरओ झांसी मंडल

रिटायरिंग रूम में महज 41 यात्री ठहरने की व्यवस्था है। इसी के अनुसार रिटायरिंग रूम का किराया कंपनी द्वारा आईआरसीटीसी को दिया, जिस पर रेलवे से एनओसी मिल गई। यह किराया अन्य रिटायरिंग रूम में भी निर्धारित है। - रंजीत चौहान, एम-दिनस्वा एंड रंजीत होटल प्रा.लि. पुणे

Posted By: Nai Dunia News Network

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