ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जीवाजी विश्वविद्यालय में सोमवार को छात्रों ने रिजल्ट में गड़बड़ी को लेकर हंगामा किया और जेयू प्रशासन के खिलाफ नारेबाज की। एमएससी द्वितीय सेमेस्टर के छात्रों ने अधिकारियों से कहा कि कक्षा के टॉपर हैं, लेकिन इस बार फेल कर दिया है। रिजल्ट घोषित होने के सात दिन बाद भी अपने नंबर नहीं देख पा रहे हैं। री-ओपन की तारीख भी निकल चुकी है। अब आपकी व्यवस्थाओं से हताश होकर पढ़ाई छोड़ना चाहते हैं। वहीं बीएससी प्रथम वर्ष के छात्रों को परीक्षा में अनुपस्थित दिखा दिया है। हंगामे के बाद परीक्षा नियंत्रक ने छात्रों की मांगों को माना और लिखित आश्वासन दिया।

जेयू ने इन दिनों आनन-फानन में रिजल्ट घोषित किए हैं। इनमें गलतियां सामने आ रही हैं। कई पास छात्रों को फेल बताया गया है और कई फेल छात्रों को पास कर दिया है। रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्र अपने नंबर वेबसाइट पर नहीं देख पा रहे हैं। अलग-अलग समूहों में छात्र अपनी परेशानी बताने कुलसचिव आईके मंसूरी व परीक्षा नियंत्रक आरकेएस सेंगर के पास पहुंचे। दोपहर 3ः30 बजे बीएससी प्रथम वर्ष के छात्र जेयू पहुंचे और जमकर हंगामा किया। इसके बाद वे कुलसचिव के ऑफिस में जाकर बैठ गए। हंगामे को देखते हुए परीक्षा नियंत्रक ने उन्हें लिखित में आश्वासन दिया।

रिजल्ट में गड़बड़ियां आई सामने

- छात्र को कॉपी में 38 नंबर दिए हैं, लेकिन इंटरनेट की मार्कशीट में 3 नंबर ही दिए गए हैं।

- बीएससी द्वितीय व प्रथम वर्ष के 70 फीसदी छात्रों को केमिस्ट्री व फिजिक्स में अनुपस्थित दिखाया है, जबकि छात्रों ने पेपर दिया था।

- जेयू ने रिजल्ट सात महीने बाद घोषित किया है। इससे सप्लीमेंट्री कब होगी, उसकी तारीख नहीं मिल पा रही है।

- पुनर्मूल्यांकन के फार्म भी नहीं भर पा रहे हैं।

50 मैं से सिर्फ 11 ही पास

एमएससी द्वितीय सेमेस्टर फिजिक्स में करीब 50 छात्रों का रिजल्ट घोषित किया गया। इसमें सिर्फ 11 ही पास हैं, शेष की सप्लीमेंट्री या फेल है। इनका रिजल्ट 15 अक्टूबर को आया था, लेकिन अब तक वेबसाइट पर मार्कशीट अपलोड नहीं की गई है। इस कारण ये पुनर्मूल्यांकन फार्म भी नहीं भर पा रहे हैं। न ये पता है कि कौनसे विषय फेल हैं और कितने नंबर आए हैं। साइंस कालेज के छात्र अमन राज गुप्ता का कहना है कि एमएससी प्रथम सेम में कक्षा टॉप की थी। द्वितीय सेमेस्टर के सभी पेपर अच्छे गए, लेकिन मुझे फेल कर दिया गया। अब पढ़ाई छोड़ने की इच्छा हो रही है। कुलसचिव ऑफिस में अपनी पीड़ा बताई है।

शाम को यह आदेश किए जारी

छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए परीक्षा नियंत्रक आरकेएस सेंगर ने आदेश जारी किया कि बीए, बीएएलएलबी, बीएससी प्रथम वर्ष के छात्रों का पुनर्मूल्यांकन निशुल्क किया जाएगा। छात्रों की कॉपियां तत्काल खुलवाई जाएं। जो शिक्षक लापरवाही करता है, उसके ऊपर कार्रवाई की जाए।

- बीएससी, एमएमसी, बीबीए, बीकॉम प्रथम वर्ष के पुनर्मूल्यांकन की तारीख बढ़ाई जाए।

- गुना, श्योपुर, शिवपुरी, भिंड, मुरैना आदि जगहों से आने वाले छात्रों का तत्काल पुनर्मूल्यांकन किया जाए।

Posted By: Nai Dunia News Network