ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। ग्वालियर का माैसम बार-बार मिजाज बदल रहा है, जिसने लाेगाें की हालत खासी खराब कर दी है। सुबह तेज धूप और उमस ने लाेगाें काे बेहाल किया था, लेकिन शाम काे 4 बजे फिर काली घटाएं छा गईं। इसके बाद झमाझम वर्षा शुरू हुई गई, जिससे लाेगाें काे गर्मी से राहत मिल गई। हालांकि ये वर्षा भी कुछ जगह हुई है, जबकि कुछ स्थानाें पर सूखा ही रहा है। मौसम विभाग के अनुसार सात अगस्त से फिर से झमाझम वर्षा का दौर शुरू होगा, जो 10 जुलाई तक जारी रह सकता है। 60 से 70 मिमी के बीच वर्षा दर्ज हो सकती है।

मानसून सीजन एक जून से 30 सितंबर के बीच रहता है। जून के अंतिम सप्ताह में मानसून आ गया था। बंगाल की खाड़ी का एक भी सिस्टम ग्वालियर चंबल संभाग की ओर नहीं आया। नमी एवं मानसून ट्रफ लाइन के असर से वर्षा दर्ज हुई। इस कारण वर्षा में समानता नहीं रही है। बादल कहीं तेज, तो कहीं हल्के बरसे हैं। खंड वर्षा का दौर चला है। चार स्टेशनों पर वर्षा नापी जाती है, उनमें काफी अंतर हैं। घाटीगांव में वर्षा के दिन 23 रहे हैं। यहां पर जोरदार वर्षा नहीं हुई। इस वजह से तिघरा का जल नहीं बढ़ा। नहर से तिघरा को भरा जा रहा है।

यह सिस्टम प्रभावी, ग्वालियर के मौसम को प्रभावित नहीं कर सकेः

-मानसून ट्रफ लाइन गुना से होते हुए गुजर रही थी, जिसकी वजह से गत दिवस हवा में नमी बढ़ गई। इससे वर्षा दर्ज हुई थी, लेकिन अब मानसून ट्रफ लाइन रायसेन, रायपुर कोटा होते हुए बीकानेर तक जा रही है। ग्वालियर ट्रफ लाइन के उत्तर में आ गया, जिससे वर्षा नहीं हो सकी।

-राजस्थान के ऊपर बना चक्रवातीय घेरा भी ग्वालियर से दूर है। पश्चिमी विक्षोभ अभी पाकिस्तान पर है। इस वजह से नमी घटी है।

वर्जन-

बंगाल की खाड़ी में सात अगस्त को नया कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है। इसके असर से इसी दिन से ग्वालियर में वर्षा शुरू हो जाएगी। भारी वर्षा की संभावन कम है, लेकिन 60 से 70 मिमी तक वर्षा हो सकती है।

डा वेदप्रकाश सिंह, रडार प्रभारी मौसम केंद्र भोपाल

Posted By: anil tomar

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close