ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान देशभर में क्रांतिकारियों व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के स्वजन को तलाश कर उनका सम्मान किया जा रहा है। वहीं ग्वालियर में स्वातंत्र्य वीर सावरकर की 140वें जन्मोत्सव पर उनकी प्रतिमा स्थल को (सावरकर सरोवर) को ताले में बंद रखा गया। जिस क्रांतिवीर को अंग्रेज सरकार अपनी कैद (अंडमान की सेलुलर जेल) में नहीं रख पाई, उनकी प्रतिमा को स्मार्ट सिटी ने ताले में बंद कर रखा। प्रतिमा स्थल पर दो दिवसीय मेला आयोजित करने वाली हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने शनिवार की शाम को इसे खुला रखने का आग्रह संबंधित विभाग से किया था, लेकिन इसे अनसुना कर दिया गया।

27 और 28 मई को आयोजित वीर सावरकर मेले में शनिवार को मुख्य समारोह आयोजित किया गया। सुबह के समय पुष्पांजलि के लिए हिमस सहित अन्य राजनीतिक दलों के नेता पहुंचे। शाम को थीम रोड पर मंच सजाकर पूर्व सांसद अनूप मिश्रा को सावरकर सम्मान दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में शहरवासी जुटे। लोग प्रतिमा को नजदीक से देखना चाहते थे लेकिन मुख्य द्वार पर ताला लगा होने के कारण वे अंदर नहीं जा सके। हिमस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. जयवीर भारद्वाज ने अधिकारियों से आग्रह किया कि था कि कटोराताल के गेट खोल दें, लेकिन हिमस के इस आग्रह को अधिकारियों ने अनसुना कर दिया गया। कार्यक्रम में मौजूद पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता और पूर्व मंत्री माया सिंह ने इस मामले को बड़े अफसरों के संज्ञान में लाने की बात कही।

पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा वीर सावरकर रत्न से सम्मानितः हिंदू महासभा ने सावरकर की जयंती पर पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा को वीर सावरकर रत्न सम्मानित किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री माया सिंह व पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता मौजूद रहीं। इससे पहले सुबह वीर सावरकर मेला आयोजन समिति द्वारा सावरकर प्रतिमा स्थल पर सर्वदलीय सभा समिति के संस्थापक डा. जयवीर भारद्वाज की अध्क्षता में आयोजित की गई।

कविता पाठ हुआ, बच्चों ने चित्र बनाकर जीते पुरस्कारः सावरकर मेला के दौरान कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया गया। इसमें डा. मुक्ता सिकरवार, डा एनएन लाहा, डा विनीता तायल, रेखा दीक्षित, जितेंद्र तिवारी, रवि प्रकाश कामिल, प. अंकित शर्मा, सीता चौहान आदि ने कविता पाठ किया। वहीं चित्रकला प्रतियोगिता में धानी भारद्वाज, ईशा प्रजापति, ऐश्वर्या गुप्ता, प्रियांशी, सृष्टि, गौरव और निबंध स्पर्धा में कुनाल मौर्या, सृष्टि तायल बबली विजेता बने।

किसी ने आग्रह नहीं कियाः जयंती पर सावरकर को ताले में कैद रखने के सवाल पर स्मार्ट सिटी की सीईओ नीतू माथूर का का कहना है कि वह तो आज दिनभर अपने आफिस में थीं। किसी ने उनसे गेट खोलने का आग्रह नहीं किया।

Posted By: vikash.pandey

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