ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। बीते साल कोरोना के साये में तानसेन समारोह 2020 का आयोजन हुआ था, जिसके कारण समारोह अपना बेहद भव्य स्वरूप नहीं ले सका। मगर अब शहर शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन की ओर अग्रसर है, कोरोना का खतरा भी घट गया है। बुधवार को तानसेन समारोह की तैयारियों के संदर्भ में स्थानीय समिति की बैठक संभाग आयुक्त आशीष सक्सेना की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें तमाम अधिकारियों व जानकारों द्वारा तानसेन समारोह को और अधिक व्यापक एवं भव्य बनाने के लिए सुझाव दिए गए। बैठक में कहा गया कि तानसेन समारोह का प्रचार प्रसार करने के लिए शताब्दी एवं गतिमान जैसी ट्रेनों में कलाकारों द्वारा प्रस्तुति देकर तानसेन समारोह के बारे में बताया जाए। नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के माध्यम से फ्लाइटों में तानसेन समारोह के संबंध में उद्घोषणा कराई जाए। खजुराहो, जयपुर, आगरा, दिल्ली के पर्यटन क्षेत्रों में तानसेन समारोह की झलक दिखाने के लिए प्री-आयोजन भी कराए जा सकते हैं। 25 से 29 दिसंबर तक आयोजन होगा। यह सालाना समारोह भारतीय संगीत की अनादि परंपरा के श्रेष्ठ कला मनीषी संगीत सम्राट तानसेन को श्रद्घांजलि व स्वरांजलि देने के लिए पिछले 96 साल से आयोजित हो रहा है। इस साल के तानसेन समारोह में वर्ष 2013 से 2020 तक के कालिदास अलंकरण भी मूर्धन्य कलाकारों को प्रदान किए जाएंगे।

बैठक में संभागायुक्त ने तानसेन समारोह से अधिकाधिक संगीत रसिकों को जोड़ने के लिए दिल्ली सहित अन्य बड़े शहरों में समारोह की तिथियों के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। मोतीमहल स्थित मानसभागार में आयोजित हुई बैठक में विधायक सुरेश राजे, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. साहित्य कुमार नाहर, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, पुलिस अधीक्षक अमित सांघी, जिला पंचायत सीईओ आशीष तिवारी, उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी के निदेशक जयंत भिसे व उपनिदेशक राहुल रस्तोगी, नगर निगम अपर आयुक्त आरके श्रीवास्तव समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

यू-ट्यूब समेत अन्य इंटरनेट मीडिया से करें प्रचारः संभागायुक्त ने बैठक में कहा कि यू-ट्यूब सहित इंटरनेट मीडिया के अन्य माध्यमों से भी देश व दुनियाभर में तानसेन समारोह का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। जिससे संगीत रसिक इस महोत्सव का आनंद ले सकें और ग्वालियर के पर्यटन को बढ़ावा मिले। समारोह की सभाओं में स्थानीय संगीत महाविद्यालय व अन्य महाविद्यालयों के विद्यार्थियों की अधिकाधिक भागीदारी पर भी बल दिया। संभागायुक्त ने समारोह की तिथियों में कार्यक्रम स्थलों से तीन किलोमीटर की परिधि में कोलाहल नियंत्रण आदेश सहित साफ-सफाई व अन्य व्यवस्थाएं, अंदर व बाहर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी आदेश दिए। तानसेन समारोह के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से महाराज बाड़ा स्थित टाउन हाल और अन्य जगहों पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए भी कहा।

चादरपोशी कर 26 को होगा शुभारंभ, कुल नौ संगीत सभाएं होंगीः संगीत अकादमी के उपनिदेशक राहुल रस्तोगी ने बताया कि तानसेन समारोह का शुभारंभ पारंपरिक ढंग से 26 दिसंबर की सुबह तानसेन समाधि स्थल पर हरिकथा, मिलाद, शहनाई वादन व चादरपोशी के साथ होगा। 26 दिसंबर को शाम 6 बजे तानसेन अलंकरण समारोह और पहली संगीत सभा आयोजित होगी। इस बार के समारोह में कुल नौ संगीत सभाएं होंगी। पहली सात संगीत सभाएं सुर सम्राट तानसेन की समाधि एवं मोहम्मद गौस के मकबरा परिसर में भव्य एवं आकर्षक मंच पर सजेंगीं। समारोह की आठवीं सभा 29 दिसंबर को सुर सम्राट तानसेन की जन्मस्थली बेहट में झिलमिल नदी के किनारे और नौवीं एवं आखिरी संक्षिप्त संगीत सभा ग्वालियर किले पर आयोजित होगी।

गूजरी महल में गूंजेगी स्वर लहरियां, गमक का होगा आयोजनः तानसेन समारोह की पूर्व संध्या यानी 25 दिसंबर को हजीरा चौराहा स्थित इंटक मैदान में उप शास्त्रीय संगीत का कार्यक्रम पूर्व रंग गमक होगा। इस साल के तानसेन संगीत समारोह की अंतिम संगीत सभा किला परिसर में होगी। यह सभा शास्त्रीय संगीत के महान पोषक राजा मानसिंह तोमर की प्रेयसी मृगनयनी के नाम से बने गूजरी महल परिसर में सजेगी। तानसेन समारोह के दौरान वादी-संवादी कार्यक्रम भी होगा।

ये मूर्धन्य कलाकार सम्मानित होंगे कालिदास अलंकरण सेः

-26 दिसंबर की सांध्यकालीन सभा में सुविख्यात सितार वादक पं. कार्तिक कुमार को वर्ष 2013 एवं सुप्रसिद्घ घटम वादक पं. विक्कू विनायकम को वर्ष 2014 के कालिदास अलंकरण से अलंकृत किया जाएगा।

-27 दिसंबर की सायंकालीन सभा में कर्नाटक संगीत की सुविख्यात गायिका अरुणा साईंराम को वर्ष 2015 और हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की सुविख्यात गायिका अश्विनी भिड़े देशपांडे को वर्ष 2016 के कालिदास अलंकरण से विभूषित किया जाएगा।

-28 दिसंबर की सभा में सुविख्यात शास्त्रीय गायक पं. व्यंकटेश कुमार वर्ष 2017 और ख्यातिनाम तबला वादक पं. सुरेश तलवलकर वर्ष 2018 के कालिदान अलंकरण से विभूषित होंगे।

-29 दिसंबर की सांध्यकालीन सभा में सुविख्यात ध्रुपद गायक पं. अभय नारायण मलिक को वर्ष 2019 और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संतूर वादक पं. भजन सोपोरी को वर्ष 2020 के कालिदास अलंकरण से विभूषित किया जाएगा।

Posted By: vikash.pandey

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