- सो रहा प्रशासन! ग्वालियर में जानलेवा आवारा मवेशी और संवेदनशून्य हैं जिम्मेदार

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ग्वालियर में सांड जितने आक्रामक है, उतना ही संवेदनशून्य हो गया है नगर निगम प्रशासन। यह आरोप नहीं बल्कि पिछले सात दिनों के तीन घटनाक्रम बता रहे हैं। पांच दिन पहले हरिशंकरपुर में युवती को सांडों ने घसीटा और वह मरते मरते बच गई। उसे क्षेत्रीय पार्षद और उनके पति ने बचाया। इसके बाद पूर्व पार्षद जगदीश पटेल को उछाल दिया, वे अस्पताल पहुंच गए। शुक्रवार को हरिशंकरपुरम में ही छोटी सी मैचिंग सेंटर की दुकान से गुजारा करने वालीं बुजुर्ग महिला की दुकान में सांड लड़ते-लड़ते घुसे और सबकुछ तहस नहस कर दिया। घटना से नुकसान तो हुआ ही मां बेटी बाल बाल बच गईं। फफक फफककर बुजुर्ग महिला रोती रही, बोलीं, सोचा नहीं था कि आवारा मवेशियों का आतंक इतना बढ़ जाएगा। मौके पर पहुंची वार्ड 58 की पार्षद अपर्णा पाटिल ने आंसू पोंछे संभाला और इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट की, कि आवारा मवेशियों के आगे प्रशासन नतमस्तक है।

इससे पहले गत विगत सात अगस्त को हरिशंकरपुरम में सांडों ने एक महिला पर हमला कर दिया था। अफसरों ने अगले दिन कार्रवाई का दिखावा कर 11 सांड पकड़ने का दावा कर दिया, लेकिन क्षेत्र के हालात नहीं बदले। हरिशंकरपुरम स्थित गंगा अपार्टमेंट में रहने वाली नीलम अग्रवाल ने वर्षों से मेहनत कर पाई-पाई जोड़ी और आयुषी मैचिंग सेंटर नामक दुकान तैयार की, जिसमें महिलाअों के कपड़े सिले जाते हैं। शुक्रवार को उनकी दुकान के नजदीक ही दो सांड लड़ते हुए दुकान में घुस गए। दुकान के अंदर बैठीं नीलम अग्रवाल व उनकी पुत्री सांडों की चपेट में आने से बाल-बाल बचीं। स्थानीय लोगों ने जैसे-तैसे पानी फेंककर सांडों को अलग किया, लेकिन तब तक पूरी दुकान तहस-नहस हो गई। मामले की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय पार्षद मौके पर पहुंचीं। सांडों की दहशत के चलते नीलम अग्रवाल सदमे में आ गईं और रोने लगीं।

इनके दुख को महसूस करो: पाटिल

इंटरनेट मीडिया पर पार्षद अपर्णा पाटिल ने इस घटना से जुड़ी हुईं दो पोस्ट कीं। इसमें पहले पोस्ट मे लिखा कथित पाश कालोनी हरिशंकरपुरम। ये आजीविका का साधन खत्म सांडों की लड़ाई में। दर्द महसूस करो। हताश हूं निराश हूं। प्रशासन नतमस्तक इन पशुअों के सामने। वहीं दूसरी पोस्ट में उन्होंने लिखा आपकी दुकान फिर बनाकर दूंगी। घंटों परिश्रम कर इन्होंने ये दुकान, एकमात्र आय का साधन विकसित किया। पर सांडों ने सब बर्बाद कर दिया। इनके दुख को, वेदना को महसूस करो।

बहुत मेहनत से उन्होंने दुकान बनाई

अपर्णा पाटिल ने बताया नीलम अग्रवाल ने वर्षों मेहनत कर दुकान तैयार की है। चूंकि उनके पति नहीं हैं, उन्होंने ही पाई-पाई जोड़कर यह दुकान तैयार की और उनके परिवार की आजीविका का यही साधन था, जो तहस-नहस हो गया। मैं अपने खर्चे पर उनकी दुकान बनाकर दूंगी और इस मामले में नगर निगम आयुक्त किशोर कान्याल से बात करूंगी।

इसी दुकान से मेरा परिवार चलता था़इिसी दुकान से मैं अपनी दो बेटियों और एक बेटे का लालन-पालन करती हूं। शुक्रवार को सांड लड़ते हुए दुकान में घुस गए। मैं और मेरी बेटी ने जैसे-तैसे खुद को बचाया। सांडों ने मेरी पूरी दुकान बर्बाद कर दी।

नीलम अग्रवाल, संचालिका आयुषी मैचिंग सेंटर

Posted By: anil tomar

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