-आरएसएस के स्वयंसेवकों ने निकाली तिरंगा यात्रा

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ‘वीर सावरकर पर झूठा आरोप लगाया जाता है कि वर्ष 1947 में उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया था, जबकि सत्य यह है कि वीर सावरकर ने स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद सुबह पांच बजे उठकर छत पर जाकर भगवा ध्वज के साथ ही राष्ट्रीय ध्वज भी लहराया था। इसी प्रकार उस दिन गुरु गोलवलकर ने संघ कार्यालय पर संघ ध्वज के साथ ही राष्ट्रीय ध्वज भी लहराया था, लेकिन बाद में शासन द्वारा कानून बनाया गया कि राष्ट्रीय ध्वज कुछ ही प्रतिष्ठानों पर लगाया जा सकता है। इस कारण संघ कार्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज लगाना कानूनन अवैध हो गया।’ यह बात सत्य इतिहासज्ञ डा. ईश्वरचंद्र करकरे ने रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं अनुषांगिक संगठनों द्वारा आयोजित तिरंगा बाइक यात्रा में कही। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ के प्रमाण अलग-अलग पुस्तकों में मिलते हैं। वर्ष 1997 में जब भारत की स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती के अवसर कांग्रेस ने नागपुर में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया, तो नागपुर के संघ चालक ने उन्हें संघ कार्यालय में आमंत्रित किया। सभा का स्वागत करने के बाद संघ चालक स्वयं छत पर चढ़े और राष्ट्रीय ध्वज लहराया। इससे पूर्व स्वयंसेवक संघ की तिरंगा यात्रा बायजा बाई उद्यान, लेडीज पार्क, केशव नगर, छत्री बाजार से लक्ष्मीगंज, गोल पहाड़िया, तारागंज, महाराज बाड़ा और जनकगंज होते हुए छत्री बाजार पर समाप्त हुई।

सिन्धु वेलफेयर सोसायटी का प्रतिभाओं का सम्मान समारोह आज

ग्वालियर। 15 अगस्त सोमवार को सिंधी समाज के 10 वी और 12 वी की परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंको और डिग्री कोर्स में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण छात्र छात्राओं का सम्मान सिन्धु वेलफेयर सोसायटी द्वारा किया जाएगा। संस्था संस्थापक श्रीचंद वलेचा और संस्था के उपाध्यक्ष अमर मखीजा ने बताया कि प्रति वर्ष 15 अगस्त को संस्था प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित करती हैं। कोरोना की वजह से पिछले 2 वर्षों से यह कार्यक्रम नही हो पाया है इस वर्ष ये कार्यक्रम चैम्बर ऑफ कॉमर्स में 15 अगस्त को दोपहर 2 बजे आयोजित किया जाएगा।

Posted By: anil tomar

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