ग्वालियर (नप्र)। संगीत की विरासत को देश के अलग-अलग मंचों पर पहचान दिला रहे शहर के युवा कलाकार भी ग्वालियर को संगीतधानी के रूप में प्रचारित करने के लिए आगे आए हैं। इनके अलावा शहर के म्यूजिकल ग्रुप का संचालन करने वाले कलाकारों ने भी नईदुनिया की मुहिम का समर्थन करते हुए कहा कि वे भी अपने हर शो में स्टेज पर खुद को संगीतधानी ग्वालियर का बताएंगे। नईदुनिया की इस मुहिम को अब तक केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अफसर, व्यापारिक व सामाजिक संस्थाएं सराह चुकी हैं। रैप, हिप-हाप जैसे माडर्न म्यूजिक के क्षेत्र में युवा काम कर रहे हैं, उन्होंने ग्वालियर को संगीतधानी उपनाम से प्रचारित करने का संकल्प लिया है।

संगीत के क्षेत्र में ग्वालियर का गौरवशाली इतिहास रहा है। मैं नईदुनिया की इस मुहिम के साथ हूं। मैं देश के अलग-अलग शहरों में जाकर शो करता हूं। अब प्रत्येक शो में कहूंगा कि मैं संगीतधानी ग्वालियर से हूं।

आशुतोष ऋषि, गायक कलाकार

संगीत से जुड़े हर माह कार्यक्रम शहर में होते हैं, जिनका हिस्सा मैं भी रहता हूं। सभी कलाकार नईदुनिया की पहल को समाचार पत्र में पढ़ रहे हैं, इसलिए समूह के सदस्यों ने कार्यक्रम के बैनर में ग्वालियर को संगीतधानी नाम देने का विचार बनाया है। हमारा कार्यक्रम जुलाई के मध्य में होना है, उसमें ग्वालियर के पास संगीतधानी लिखवाएंगे। यह कदम शहर के हर नागरिक को उठाना चाहिए।

राजेंद्र परिहार, गायक कलाकार

मैं नईदुनिया को इस पहल के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। हर कलाकार का यही सपना रहता है, उसका शहर उसकी खूबी से पहचाना जाए। हमारे शहर की पहचान संगीत है, इसलिए ग्वालियर को संगीतधानी उपनाम देना चाहिए। ग्वालियर के कण-कण में संगीत बसा है। हमारा ग्रुप मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाएगा।

अतुल शर्मा, गायक कलाकार

संगीतधानी उपनाम का प्रचार करेंगे़हिम अपने हर कार्यक्रम में अब ग्वालियर को संगीतधानी के रूप में प्रचारित करने का काम करेंगे। नगर निगम, स्मार्ट सिटी सहित जिला प्रशासन को भी स्थानीय कलाकारों को मौका देकर कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए।

सुरेश घोड़के, गायक कलाकार

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