ग्वालियर,(नईदुनिया प्रतिनिधि)। नगर में गणेशोत्सव पर उमंग व उत्साह का महौल है। नगर के प्रमुख चौराहों से लेकर गली मोहल्लों में श्रीजी विराजे हुए हैं। गणेश प्रतिमाओं की सुबह-शाम आरती के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। गणेशोत्सव पंडालों में प्रतियोगिताओं से लेकर अंताक्षरी सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

महाराज बाड़े पर विराजे श्री गणेश आस्था व विश्वास का केंद्र

आयोजकः बंटी लाइट व डेकोरेशन

वर्ष-37 वां

स्थान- महाराज बाड़ा

आकर्षण- गणेशोत्सव आयोजन समिति के प्रमुख बंटी शर्मा ने बताया कि बाड़े के गणेशजी के नाम से चर्चित मंडप में प्रतिदििन काफी संख्या में लोग दर्शन करने के लिए आते हैं। फोटो खींचते हैं, और इंटरनेट मीडिया पर वायरल करते हैं। इस बार गणेशजी की मूर्ति 12 फीट ऊंची है। यहां गणेशजी हनुमानजी के कंधे पर विराजमन हैं और साथ में ऋद्धि- सिद्धी के साथ उनका वाहन मूशक भी विराजन हैं। सात सितंबर को विशाल भंडारा होगा।

19 साल से विराज रहे गणेशजी

आयोजक- आशीर्वाद क्लब

स्थान- दौलतगंज

वर्ष-19 वां

आकर्षण- आयोजनकर्ताओं से जु़ड़े मोनू सविता ने बताया कि 19 साल से यहां गणेशजी का दरबार सज रहा है। सुबह-शाम आरती के साथ सांस्कृति कार्यक्रमों का आयोजन होता है। इस बार गणेशजी की प्रतिमा हाथी के स्वरूप में हैं और ऋद्धि-सिद्धी भी विराजमान है। हर साल मेला लगता है।

उत्सव व मेला जैसा माहौल रहता हैः

आयोजक- यंग्स हिंद क्लब

स्थान- दौलतगंज

वर्ष- 35 वां

आकर्षण- आयोजन समिति से जुड़े चित्रगुप्त अष्ठाना ने बताया कि कोरोना संक्रमण को छोड़कर अनवरत रूप से यहां श्रीजी का भव्य पंडाल सजता है। झाकियों के साथ रात्रि जागरण व अन्य सांस्कृति कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। हर वर्ष लोगों को गणेश प्रतिमा का इंतजार रहता है। झूलेवाले भी आ जाते हैं। यहां दस दिन तक मेले जैसा वातावरण रहता है।

गणेशजी पर हर किसी की मनोकामना पूर्ण होती हैं-

आयोजक- हनुमान नगर युवा समिति

स्थान- हनुमान नगर फालका बाजार

वर्ष- 33 वां

आकर्षण- आयोजन समिति से जुड़े राजू पंड़ित ने बताया कि सबसे पहले हनुमान बाल समिति ने गणेशजी की मूर्ति विराजित करने का सिलसिला शुरू किया था। यहां के गणेशजी की मान्यता है कि हर मनोकामना पूर्ण होती है। इस बार गणेशजी की दस फीट ऊंची प्रतिमा विराजित है। साथ में ऋद्धि-सिद्धी भी हैं।

Posted By: vikash.pandey

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