ग्वालियर। जयारोग्य अस्पताल अधीक्षक के एक लाख रुपए जुर्माने के नोटिस ने हाइट्स एवं बीवीजी कंपनी के अफसरों के होश उड़ा दिए हैं। कंपनी ने अधीक्षक को पत्र लिखकर जुर्माना हटाने की गुहार लगाई है। साथ ही दीपावली के पहले अस्पताल को चमकाने का भरोसा भी दिलाया है। अस्पताल में कर्मचारियों ने सफाई का काम शुरू कर दिया है।

बीवीजी कंपनी ने अपने जवाब में कहा है कि नगर निगम ने अचानक डंपिंग यार्ड में कचरा डालने पर रोक लगा दी है, जिसके कारण अस्पताल परिसर में कचरा एकत्रित हो गया है। इसके अलावा अस्पताल की टेलीफोन लाइन को सुधारने के लिए वहां पर एक गड्ढा भी कर दिया गया था। जिसके कारण हमारी कचरा एकत्रित करने वाली गाड़ी एवं ठेले उस जगह तक नहीं पहुंच पा रहे थे। इसी वजह से अस्पताल में कुछ स्थानों से कचरा नहीं उठाया जा सका था। टेलीफोन लाइन का काम खत्म होने के बाद कचरा उठाने का काम शुरू करवा दिया गया है। वहीं नगर निगम अधिकारियों से कचरा नियमित उठाने को लेकर चर्चा भी की गई है। इसलिए कंपनी पर जो जुर्माना लगाया गया है, उसे हटा दिया जाए।

कंपनी ने दिया सफाई का प्लान

-16 एवं 17 अक्टूबर को सुबह एवं दोपहर की पाली में सफाई होगी।

-18 अक्टूबर को न्यूरोलॉजी, आईसीयू, कार्डियोलॉजी एवं केआरएच में सफाई अभियान चलाया जाएगा।

-19-20 अक्टूबर को माधव डिस्पेंसरी एवं ट्रामा सेंटर में सफाई अभियान चलेगा।

अंदर सफाई, बाहर ध्यान नहीं

नोटिस के बाद कंपनी ने जुर्माने के डर से अस्पताल के अंदर वार्डों में सफाई का काम शुरू करवा दिया है। लेकिन न्यूरोलॉजी सहित परिसर में कई जगह अब भी स्थिति काफी खराब है। हालांकि अधीक्षक भी जुर्माना हटाने के मूड में नहीं हैं। इसलिए सहायक अधीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है कि वह नियमित गंदगी के ढेर की फोटो खींचकर वाट्सएप करें।

Posted By: Nai Dunia News Network