Gwalior Court News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। हाई कोर्ट की एकल पीठ ने दो महिला शराब तस्करों को सशर्त जमानत दे दी, लेकिन कोर्ट ने महानिदेशक, सुधार सेवा से कैदियों को रखने के संबंध में जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि जेलों में विचाराधीन महिला व पुरुष बंदियों को रखने के लिए क्या व्यवस्थाएं हैं। क्या उन्हें अलग-अलग रखने की कोई व्यवस्था है। एक महीने में प्रिसिंपल रजिस्ट्रार के यहां रिपोर्ट पेश करें। साथ ही आदेश की कापी महानिदेशक को भेजने के निर्देश दिए हैं।

रोमा व हेमलता कंजर को शराब तस्करी के आरोप में दतिया के थरेट थाने से गिरफ्तार किया गया था। पहली जमानत याचिका खारिज होने के बाद दोनों की ओर से दूसरी बार याचिका दायर की गई। याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि वे महिलाएं हैं, लेकिन उन्हें विचाराधीन पुरुष अपराधियों के साथ एक ही जेल परिसर में रखा जाता है। इस कारण परिसर में रहना बहुत कठिन है। जांच व मुकदमे में समय लगेगा। वे महिलाएं होने के साथ ही 27 जुलाई 2021 से जेल में बंद हैं इसलिए उनके जमानत आवेदन पर विचार करते हुए उन्हें रिहा किया जाए। शासन की ओर से दोनों के आवेदनों का विरोध करते हुए कहा गया कि महिला आरोपितों से 600 बल्क लीटर अवैध शराब बरामद की गई है। इन महिलाओं के ऊपर 15 केस चल रहे हैं। इन्हें जमानत पर रिहा करेंगे तो वे फिर से तस्करी करेंगी। गिरफ्तार होने पर वे फिर जेल जाएंगी, इसलिए इन्हें जमानत पर न छोड़ा जाए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद महिलाओं को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया, लेकिन जेल में कैदियों को रखने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि विचाराधीन महिला व पुरुष बंदियों को रखने की क्या व्यवस्था है।

Posted By: anil.tomar

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