- परेशानी नवर्षा के दौरान पैच रिपेयरिंग के अते पते नहीं, रोज हो रहे सड़क हादसे

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। स्मार्ट शहरों की दौड़ में शामिल ग्वालियर में फिलहाल टूटी सड़कें और गड्ढे ही हैं। जहां निकलो वहां गड्ढे, हालत यह हो गई है कि दो पहिया वाहन से लेकर चार पहिया वाहन तक निकालने में मुसीबत है। पाश इलाकों में ही बुरे हाल हैं। नगर निगम की ओर से जो पैच रिपेयरिंग का दावा किया जाता है, वह शून्य है। पैच रिपेयरिंग भी सिर्फ उन स्थानों पर कर दी जाती है जहां से वीआइपी लोगों को गुजरना होता है। लश्कर, सिटी सेंटर, मुरार, थाटीपुर हो या उपनगर ग्वालियर अधिकतर जगह सड़कों का यही हाल है। पहले अफसर नहीं सुनते थे और अब नई नगर सरकार भी मौजूद है, लेकिन शहर की बदहाली को लेकर कहीं हरकत नहीं है। ़मिानसून का मौसम है, इसी कारण वर्षा में सड़क बनना संभव नहीं है। इससे पहले जो समय सड़क बनाने के लिए नगर निगम के पास था, उस दौरान सड़कें ही नहीं बनाई गईं। हालत यह है कि खुद प्रदेश के उर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के क्षेत्र की सडकें ही बदहाल पड़ी हैं। हाल ही में जो भी सड़कें बन पाईं, वहां जो गड्ढे हो गए वह भी नहीं भरे जा रहे हैं। नगर निगम पैच रिपेयरिंग के दावे कर रहा है, कहीं-कहीं चार गिट्टी डालकर खाना पूर्ति कर दी जाती है। इसके अलावा कुछ भी नहीं है।

एसकेवी रोड पर चोटिल हो रहे, बालभवन के सामने भी मुसीबत

एसकेवी रोड पर पुल से नीचे उतरते ही एक बड़ा गड्ढा हो गया है। सोमवार की रात यहां वाहन चालक चोटिल हो रहे थे, इस कारण ट्रैफिक तक रोकना पड़ गया। इसी तरह बालभवन के आगे सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, यहां से निकलते समय वाहन चालकों को मुसीबत झेलना पड़ती है। सिटी सेंटर एयरटेल आफिस रोड का पूरा क्षेत्र बदहाल पड़ा हुआ है ,बारिश का जरा सा पानी भर जाने के बाद गड्ढे दिखते नहीं है।

सीएम हेल्पलाइन तक पर बुरे हाल

वार्ड तीन स्थित श्रीविहार कालोनी में जलजमाव की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर की गई। इस शिकायत में निगम अफसरों ने मौका मुआयना करने के बाद गजब जवाब लिखा है। इसमें लिखा है कि एक मकान के आगे अगर जलजमाव की समस्या को खत्म किया जाएगा तो दूसरे मकान के लिए समस्या हो जाएगी। इसी कारण शिकायत का निराकरण नहीं किया जा सकता है। सीएम हेल्पलाइन जैसी उच्च प्राथमिकता वाले पोर्टल पर शिकायतों का यह निराकरण करने का दावा किया जा रहा है।

पहले हम मुख्य मार्गाें के गड्ढे भरते हैं, इसके बाद छोटी सड़कों पर पैच रिपेयरिंग की जाती है। वर्तमान में जहां-जहां से शिकायतें आ रही हैं, वहां हम प्राथमिकता के आधार पर कार्य करा रहे हैं। बरसात के कारण सिर्फ मुरम और गिट्टी डालकर रिपेयरिंग की जा रही है क्योंकि बरसात में डामर नहीं डाला जा सकता है। सड़़कों के डामरीकरण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बरसात के बाद तेजी से मरम्मत कार्य कराया जाएगा।

रोहित तिवारी, प्रभारी, पैच रिपेयरिंग शाखा, नगर निगम

Posted By: anil tomar

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