The impact of Gwalior Naidunia news: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना की वजह से कई बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ चुका है। ऐसे में अनाथ हुए बच्चों को गोद लेने के लिए एक नहीं बल्कि तीन से चार परिवारों ने महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ सामाजिक संस्थाओं से मंगलवार को संपर्क किया। अब अनाथ बच्चों को माता-पिता के प्रेम के साथ आसरा भी मिल सकेगा। अनाथ बच्चों को गोद लेने के लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर परिवार बच्चों को गोद ले सकेंगे। कई परिवारों ने सेंट्रल एडोप्शन रिर्सोस अथॉरिटी कारा वेबसाइट के माध्यम से पंजीयन कराने की प्रकिया भी शुरू कर दी है। यहां बता दें कि नईदुनिया ने अपने मंगलवार के अंक में 'कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को गोद लेने व परवरिश करने ब ढ़े हाथ" शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने के बाद कई लोगों ने बच्चों को गोद लेने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग व सामाजिक सेवाओं से संपर्क किया।

इन दिनों कोरोना की वजह से कई परिवार बिखर गए हैं, जिससे कई बच्चे अनाथ हो गए हैं। ऐसे में कई लोगों ने अनाथ बच्चों को गोद लेने व उनकी देखभाल करने की इच्छा जाहिर की है। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग ने भी ऐसे बच्चों की देखभाल करने के लिए पहल की है। सोमवार को ऐसे बच्चों की देखरेख को लेकर एक बैठक का आयोजन किया गया था। जिसमें ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता का निधन हो गया है या जिनके माता-पिता कोरोना की वजह से अस्पताल में भर्ती हैं, उनके भरण-पोषण का निर्णय लिया। ऐसे बच्चों के लिए स्पोंसर स्कीम शुरू की जा रही है। जिले में संचालित शासकीय विद्यालयों व छात्रावासों को ऐसे बच्चों की देखरेख व संरक्षण के लिए फिट फैसिलिटी योजना के जरिए बच्चों की उचित देखभाल करने के साथ संरक्षण प्रदान किया जाएगा।

Posted By: vikash.pandey

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