-पोलीथिन पर निर्भरता बढ़ने से नहीं थम रहा उपयोग, कालाबजारी भी चरम पर

विक्रम सिंह तोमर. नईदुनिया। एक आम इंसान के जीवन का बाेझ अब पोलीथिन बैग उठा रहे हैं। सुबह की शुरूआत से ही लोग पोलीथिन पर आश्रित हो कर अपना दिन शुरू करते हैं। बात चाहे सब्जी लाने की करें या राशन, फल हो या दूध-दही सबके लिए लोग सिर्फ पोलीथिन के भरोसे ही घर से निकल पड़ते हैं। आंकडे की बात करें तो प्रतिबंधित होने के बावजूद भी शहरवासी हर साल शहर को लगभग 17 लाख 15 हजार किलो तक पोलिथिन उपयोग कर लेते हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि एक सामान्य व्यक्ति की दिनचर्या का 75 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ पोलीथिन पर निर्भर है। यही कारण है कि प्रतिबंधित होने के बावजूद भी न पोलीथिन का उपयोग थम रहा है न कालाबजारी। पोलीथिन का इस हद तक प्रयोग पर्यावरण के लिए तो घातक है ही साथ शहरवासियों को भी नुकसान पंहुचाता है।

इतना हो रहा है पोलीथिन का प्रयोग-

शहर में पोलीथिन के थोक विक्रेताओं के अनुसार, दैनिक जीवन में होने वाले पोलीथिन के प्रयोग को अगर प्रतिशत में समझा जाए तो कुछ इस तरह का ग्राफ सामने आता है।

31 प्रतिशत - सब्जी लाने में

19 प्रतिशत - किराना-जनरल सामान लाने में

15 प्रतिशत - फल लाने में

6 प्रतिशत- दूध-दही लाने में

5 प्रतिशत- होटल से खाना लाने में

4 प्रतिशत- दवाइयां लाने में

4 प्रतिशत- मिठाई-नाश्ता लाने में

4 प्रतिशत- मीट लाने में

3 प्रतिशत- स्टेशनरी लाने में

3 प्रतिशत- अंडा लाने में

2 प्रतिशत- जूस,पान, चाय लाने में

4 प्रतिशत- अन्य सामान लाने में

यह है जनता का कहना-

1-अभिन्न अंग बन चुकी है पोलीथिन-

दैनिक जीवन में पोलीथिन एक अभिन्न अंग बन चुकी हैं। लोग पूरे तरीके से इस पर निर्भर हो चुके हैं। रसोई में आने वाले अधिकतर उत्पाद इसी के सहारे आते हैं।- शीला चतुर्वेदी, गृहणी निवासी बहोडापुर

2- स्थायी विकल्प जरूरी-

पोलीथिन का उपयोग धडल्ले से हो रहा है। कारण है व्यक्ति को पोलीथिन की लत का लग जाना। ऐसे में जब तक कोई स्थायी और सामान्य कीमतों में विकल्प मौजूद नहीं होता तब तक रोकथाम मुश्किल है। - जुबेर खान, निवासी- हजीरा

3- पशुओं के लिए भी घातक है पोलीथिन-

लाेगों का जीवन पोलीथिन पर ही टिका है। लोग पोलीथिन में लोग रसोई का कचरा भर कर फेंक देते हैं जिसे बाद में गौवंश खा लेता है, बाद में यह गौवंश के लिए जानलेवा साबित होता है।-

त्रिकांक्षा, निवासी-शीलनगर

डाक्टर की बात पर गौर करें-

पॉलिथीन की थैलियों में पैक किए गए गर्म खाद्य पदार्थ ज्यादा गर्म होने पर पाेलीथिन में मौजूद रसायनों स्टाइरीन और बिस्फेनॉल-ए से दूषित होते हैं। जो कैंसर, हृदय रोग का कारण बनते है साथ ही प्रजनन प्रणाली को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

डा. नारायण हरी, चिकित्सक, जयारोग्य अस्पताल

Posted By: anil tomar

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