ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रानी झांसी बुंदेली साहित्य एवं संस्कृति मंच ने गुरुवार को मुंशी प्रेमचंद संवाद एवं कथाकार सम्मेलन डीडी नगर स्थित दिल्ली पब्लिक एकेडमी में रखा। उद्घाटन सत्र के अध्यक्ष साहित्यकार जगदीश तोमर ने की। मुख्य अतिथि प्रो. राजरानी शर्मा थीं। अन्य अतिथियों के रूप में डा. कुमार संजीव अध्यक्ष (अभाहिसा सभा), डा लोकेंद्र तिवारी और समाज सेवी राममोहन त्रिपाठी उपस्थित थे। दूसरे सत्र के अध्यक्ष अनंगपाल सिंह भदौरिया थे। मुख्य अतिथि वरिष्ठ उपन्यासकार रामगोपाल भावुक थे। अन्य अतिथियों में डा. सुरेश सम्राट, डा. भगवान स्वरूप चैतन्य और डा. पद्मा शर्मा मौजूद थीं।

संयोजक आशा सतीश पांडेय ने बताया कि सम्मेलन में समाज के वर्तमान परिप्रेक्ष्य को झकझोरने वालीं एवं चेतना जाग्रत करने वाली कथाओं का वाचन आमंत्रित कथाकारों ने किया। इनमें कुंदा जोगलेकर, सुबोध चतुर्वेदी, डा. प्रतिभा त्रिवेदी, डा. ज्योत्सना सिंह, डा. आशा वर्मा, राज किशोर वाजपेयी, संगीता गुप्ता और रमेश कटारिया पारस शामिल थे। प्रेमचंद सृजन पीठ के पूर्व निदेशक जगदीश तोमर ने मुंशी प्रेमचंद के सांगोपांग जीवनवृत पर प्रकाश डाला।

मुख्य वक्ता डा. लोकेश तिवारी ने कहा कि प्रेमचंद एक महान युग थे। प्रेमचंद के साहित्य को ही नहीं, बल्कि उनके पात्रों तक को लोगों ने आत्मसात किया और स्मरण रखा। प्रो. राजरानी शर्मा ने कहा मुंशी प्रेमचंद को साहित्य युग ने मानकरूप में स्थापित किया। कहानियों की उत्तम समीक्षा डा. भगवान स्वरूप चैतन्य ने की। डा. सुरेश सम्राट ने संक्षेप में विशद चर्चा की। उन्होंने कहा कि एक ऐसा उपन्यासकार, जिन्होंने 56 वर्ष की आयु कई कालजयी रचनाओं का सृजन किया, उन्हें समाज 125 वर्ष बाद भी स्पर्श करता है।

परीक्षा से वंचित छात्राओं का पुन: पेपर कराने की मांग

आल इंडिया डीएसओ ने वीआरीजी कालेज मुरार की उन छात्राओं की पुन: परीक्षा कराने की मांग की है, जो पेपर से विंचत रह गई हैं। संगठन ने कुलपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कहा है कि वीआरजी कालेज की 50 छात्राएं, पीजी कालेज गुना के 250 छात्रों के अलावा कई कालेजों के छात्र परीक्षा की तारीखों में बदलाव किए जाने के कारण पेपर नहीं दे सके हैं, इसलिए ऐसे छात्रों के लिए विशेष परीक्षा कराई जाए। ज्ञात है कि जीवाजी विश्वविद्याल ने परीक्षा की तारीख में बदलाव कर दिया, लेकिन छात्राओं को इस बदलाव का पता नहीं चला और गत दिवस पेपर देने पहुंची तो बताया गया कि परीक्षा हो चुकी है।

Posted By: anil tomar

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close