-समिति के कुछ सदस्यों ने परंपरा को बचाने के लिए शुरू किए प्रयास

ग्वालियर,(नईदुनिया प्रतिनिधि)। श्रीरामलीला समारोह समिति के सदस्य ही इस निर्णय से स्तब्ध रह गए कि समिति द्वारा दशहरा चल समारोह नहीं निकाला जा रहा है। क्योंकि रामलीला मंचन की रूपरेखा तय करने के लिए बुलाई गई समिति की बैठक में विजयादशमी पर दशहरा चल समारोह निकालने के साथ रूट भी तय हुआ था। नईदुनिया ने बुधवार को खुलासा किया कि रामलीला समिति ने तंगहाल होने के कारण दशहरा चल समारोह नहीं निकालने का निर्णय लिया है। इसके बाद समिति के सदस्यों में हलचल हुई। इसके बाद श्रीरामलीला समारोह समिति की आपत बैठक गुरुवार को बुलाने का निर्णय लिया गया गया है। यह बैठक नया बाजार स्थित किडीज कार्नर स्कूल में दोपहर 12 बजे होगी। इस बैठक में दशहरा चल समारोह निकालने या नही निकालने के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। समिति के कुछ सदस्यों का कहना है कि उनकी कोशिश होगी की कम से कम धनाभाव में तो दशहरा निकालने की परंपरा नहीं टूटे।

दशहरा निकालने का निर्णय हुआ थाः कार्यक्रम के सह संयोजक सुरेश बंसल ने बताया कि समिति की बैठक में तो चल समारोह निकालने का निर्णय लिया था, फिर अचानक चल समारोह नहीं निकालने का निर्णय से वे अनभिज्ञ थे। उन्हें नईदुनिया से इस बात का पता चला है। सुरेश बंसल ने कहा कि दशहरा निकालने की परंपरा नहीं टूटनी चाहिए। दशहरा छोटा व बड़ा निकलना चाहिए।

कोशिश है कि दशहरा चल समारोह निकलेः श्रीरामलीला समारोह समिति के सदस्य सुरेंद्र शर्मा सरपंच का कहना है कि कोशिश है कि पंरपरा नहीं टूटे। दशहरा चल समारोह अवश्य निकले। इस संबंध में रामलीला के सूत्रधार पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल से बात हुई है। उनका भी कहना है कि पैसे की कोई समस्या नहीं है।

वर्जन-

दशहरा चल समारोह निकालने संबंधी निर्णय गुरुवार को समिति की बुलाई गई आपात बैठक में लिया जाएगा। समिति के पास पैसे की कमी नहीं है और अगर होती तो भी वह स्वयं इतने सक्षम हैं कि दशहरा चल समारोह निकाल सकते हैं। निर्णय सामूहिक होते हैं और समिति द्वारा सर्वसम्मति से किया जाएगा।

रमेश अग्रवाल, कार्यक्रम संयोजक

Posted By: vikash.pandey

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