-अब 1.08 करोड़ से डामरीकरण कर मरम्मत का आश्वासन

ग्वालियर, (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर में नगर निगम के 2803 किमी लंबे रोड नेटवर्क में से गांधी रोड, रेसकोर्स रोड जैसे अपवाद को छोड़ दिया जाए, तो हर सड़क में गड्ढे हो चुके हैं। इन सड़कों पर चार पहिया और दोपहिया वाहन हिचकोले खाते हुए निकलते हैं, लेकिन 52 सड़कें ऐसी भी हैं जिन पर चलना लोगों के लिए मुश्किल साबित हो रहा है। इन सड़कों की मरम्मत की वर्षों से कोई सुध नहीं ली गई है। इसके अलावा नगर निगम ने बुधवार को जिन सड़कों की मरम्मत का दावा किया था, वहां भी सिर्फ खानापूर्ति की गई है। सूर्य नमस्कार तिराहे से आकाशवाणी चौराहा तक एक तरफ कुछ जगह खानापूर्ति करते हुए डामर बिछाकर छोटे-छोटे गड्ढों को भरा गया है, जबकि कृषि विश्वविद्यालय की तरफ कोई पैंच वर्क नहीं किया गया है।

इसी प्रकार हनुमान चौराहा से महाराज बाड़ा तक पैंच वर्क का दावा भी खोखला साबित हुआ। यहां चौराहा पर स्थित मंदिर से लक्ष्मीनारायण मंदिर के आगे तक 200 मीटर के हिस्से में पैंच वर्क कर छोड़ दिया गया है। बाकी हिस्से में सड़क पूरी तरह से खुदी होने के साथ ही बड़े-बड़े गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं। अब नगर निगम के अफसरों का कहना है कि अक्टूबर माह में इन सड़कों को 1.08 करोड़ रुपये की लागत से डामरीकरण व पेंच रिपेयरिंग कर दुरुस्त किया जाएगा। नगर निगम ने जिन सड़कों का प्राथमिकता के आधार पर चयन किया है, उसमें अधिकतर सड़कें ग्वालियर दक्षिण और ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र की हैं। इन सड़कों की हालत इसलिए खराब है कि वर्ष 2019 के बाद से इन सड़कों का न तो डामरीकरण किया गया और न ही विशेष रूप से कोई मरम्मत कराई गई। तीन वर्षों में यह सड़कें पूरी तरह से उखड़ चुकी हैं और अब ये राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन चुकी हैं। उधर नईदुनिया की मुहिम के बाद निगम ने अपने दूसरे प्लांट को भी शुरू कर दिया है और गुरुवार को कलेक्ट्रेट के पीछे पूरी तरह से उखड़ी पड़ी सड़क पर डामरीकरण कार्य किया गया।

लौट गया था मुख्यमंत्री अधोसंरचना का पैसाः जिन 52 सड़कों की हालत इस समय ज्यादा खराब है, उन्हें सुधारने के लिए वर्ष 2020 में मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना के तहत बजट भेजा गया था, लेकिन अचानक कांग्रेस सरकार का तख्ता पलट होने के बाद इस पैसे से काम नहीं कराया गया। अकेले ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र की सड़कों के लिए आया 19 करोड़ रुपये वापस चला गया था।

ये सड़कें जिनकी होगी मरम्मतः

-बारादरी चौराहा से एमएच चौराहा।

-बारादरी चौराहा से सात नंबर चौराहा और छह नंबर चौराहा।

-जिला अस्पताल से अग्रसेन चौक।

-सात नंबर चौराहा से सीपी कालोनी।

-काल्पी ब्रिज से पिंटो पार्क तिराहे तक।

-मृगनयनी गार्डन से आकाशवाणी तक।

-थाटीपुर पेट्रोल पंप से सुरेश नगर तक।

-मेला ग्राउंड के पीछे श्मशान तक।

-मोटल तानसेन से राजमाता तिराहा।

-राजमाता तिराहे से सचिन तेंदुलकर मार्ग गोविंदपुरी।

-नए आरओबी से फूलबाग चौराहे तक।

-पड़ाव पुल से फूलबाग चौराहा तक।

-नदीगेट से छप्परवाला पुल।

-नदीगेट से जयेंद्रगंज गोलंबर।

-रोशनीघर रोड।

-दाल बाजार रोड।

-हास्पिटल रोड।

-लोहिया बाजार।

-छप्परवाला पुल से ऊंटपुल, हुजरात पुल, राक्सी पुल।

-जयेंद्रगंज से ऊंटपुल, पाटनकर बाजार, गश्त का ताजिया।

-गश्त का ताजिया से छप्परवाला पुल।

-छप्परवाले पुल से भारत टाकीज रोड।

-गश्त का ताजिया से हनुमान चौराहा तक।

-हनुमान चौराहा से एबी रोड लक्ष्मीगंज।

-हनुमान चौराहा से कटीघाटी जीवाजीगंज।

-हनुमान चौराहा से महाराज बाड़ा।

-मुखर्जी भवन से खासगी बाजार।

-सराफा बाजार से गश्त का ताजिया।

-पाटनकर चौराहा से दौलतगंज।

-मांडरे की माता से केआरजी कालेज तक।

-केआरजी से नया बाजार रोड।

-केआरजी से बाड़ा तक।

-केआरजी से गुड़ा पुलिया तक।

-बेटी बचाओ से त्रिमूर्ति तिराहा सिकंदर कंपू।

-जय हनुमान टाकीज से लक्कड़खाना पुल।

-सिकंदर कंपू से इमली नाका।

-महाराजा काम्प्लेक्स से कुशवाह मार्केट डीडी नगर।

-महाराजा काम्प्लेक्स से सिंधिया स्टैचू डीडी नगर।

-डीडी नगर गेट से महाराजा काम्प्लेक्स।

-माधौगंज मेन रोड।

-गोरखी स्काउट से क्षेत्रीय कार्यालय क्रमांक 18 तक।

-नया बाजार से हुजरात पुल।

-बैंड मार्केट रोड।

-नौगजा रोड।

-चार शहर का नाका लधेड़ी सागरताल।

-शब्द प्रताप आश्रम रोड।

-बसंत विहार रोड।

-सहारा गेट से चेतकपुरी गेट तक।

-नाका चंद्रवदनी से मांडरे की माता तक।

-नहर वाली माता रोड।

-सचिन तेंदुलकर मार्ग से दर्पण कालोनी आठ दुकानों तक।

-टकसाल स्कूल रोड।

80 लाख का जीरा और 28 लाख का डामरः इन सड़कों की मरम्मत करने के लिए नगर निगम ने टेंडर प्रक्रिया कर ली है। इसमें 80 लाख रुपए का जीरा सप्लाई करने के लिए वर्क आर्डर जारी कर दिया गया है। इसके अलावा मथुरा स्थित रिफाइनरी से 28 लाख रुपए का डामर भी मंगाया गया है। निगम अधिकारियों का दावा है कि सड़कों की मरम्मत के लिए स्टाक में पर्याप्त मटेरियल है।

मेयर ने लिखा सीएम को पत्रः बीज निगम अध्यक्ष मुन्नालाल गोयल द्वारा सड़कों को लेकर दी गई चेतावनी के बाद महापौर डा. शोभा सिकरवार ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर शहर में सड़क, सीवर और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए राशि आवंटित करने की मांग की है। पत्र में महापौर ने यह भी उल्लेख किया है कि एक-दूसरे पर छींटाकशी व दोषारोपण करने के बजाय साथ मिलकर शहर विकास के लिए काम करना चाहिए।

वर्जन-

जिन सड़कों का गारंटी पीरियड अभी बाकी है, उनके ठेकेदारों को काम कराने के लिए नोटिस जारी कर दिए गए हैं। इसके अलावा सड़कों की मरम्मत के लिए तेजी से काम कराया जा रहा है। हमारा दूसरा प्लांट भी चालू हो चुका है। निगम की ओर से 15 सितंबर से ही सड़कों का काम शुरू करने की तैयारी कर ली गई थी, लेकिन उसके बाद वर्षा होने के कारण मजबूरन काम रोकना पड़ा था। अगले कुछ ही दिनों में शहर की सड़कें पूरी तरह से दुरुस्त कर दी जाएंगी।

किशोर कान्याल, आयुक्त नगर निगम

Posted By: vikash.pandey

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