Gwalior Corona News: ग्वालियर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। देश में कोरोना की दूसरी लहर रफ्तार पकड़ने लगी है। महाराष्ट्र के कई शहरों में दोबारा लाकडाउन लगाना पड़ गया है। इसके बाद भी जिला प्रशासन सतर्क नहीं हुआ है। इसका ताजा उदाहरण है कि जांबिया से लौटे युवक की तीन दिन में कोरोना की जांच तक नहीं करा सके हैं। यहां तक कि अफसरों ने उसे आइसोलेट करना भी जरूरी नहीं समझा, जबकि डब्ल्यूएचओ का कहना है कि कोरोना का स्ट्रेन इस बार अधिक घातक होगा। देश में इसके कुछ मरीज मिल चुके हैं।

कालेज के काम से गया था विदेश-

एक निजी कॉलेज में कार्यरत युवक कुछ दिन पहले कालेज के काम से जांबिया गया था। वहां से वह दुबई होता हुआ दिल्ली आया और दिल्ली से 19 फरवरी को ग्वालियर आ गया। युवक ने अपनी पूरी जानकारी कलेक्ट्रेट कार्यालय में दी। इसके बाद भी युवक की न तो कोरोना की जांच की जा सकी न ही उसे आइसोलेट किया गया।

चहरे से मास्क व जेब से सैनिटाइजर गायब-

कोरोना के आंकड़ों को देखते हुए लोग अब बेफिक्र हो गए हैं। आलम यह है कि बस, टेंपो, ट्रेन, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड से लेकर बाजार, मॉल व मेला में भीड़ उमड़ने लगी है। मगर इस भीड़ में अधिकांश लोगों के चहरे से मास्क गायब हैं। सैनिटाइजर का भी उपयोग कोई नहीं कर रहा है । सबसे जरूरी शारीरिक दूरी जिसका पालन भी नहीं किया जा रहा है, जो कोरोना की वापसी का माध्यम बन सकता है।

वर्जन-

कोरोना की प्रतिदिन हजार लोगों की जांच का लक्ष्य पूरा किया जाना है। मेडिकल स्टोर से अब बिना डाक्टर के पर्चे के सर्दी, खांसी, जुकाम की दवा उपलब्ध नहीं कराई जाने के निर्देश दिए गए हैं। विदेश से आने वालों के लिए अभी ऊपर से कोई गाइडलाइन नहीं है।

डा.मनीष शर्मा, सीएमएचओ

Posted By: anil.tomar

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