ग्वालियर। राहु और केतु अपनी मित्र राशि मिथुन और धनु में 7 मार्च से वापस आ रहे हैं। यह संयोग 18 साल बाद बन रहा है। 7 मार्च को फाल्गुन माह शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के दिन सुबह 5 बजकर 34 मिनट 17 सेकंड पर राहु उच्च राशि मिथुन में व केतु अपनी उच्च राशि धनु में प्रवेश करेंगे।

इन ग्रहों के राशि परिवर्तन से भारत के लिए शुभ संकेत मिल रहे हैं। राशि परिवर्तन के साथ ही यह ग्रह और अधिक मजबूत होंगे जिससे भारत भी और अधिक सक्षम व मजबूत होगा। इसके साथ ही भारत आतंकवाद के खात्मे के लिए पाकिस्तान और आतंकवादियों के खिलाफ कठोर कदम उठाते हुए सख्त कार्रवाई और तेज हमले करेगा।

ज्योतिषाचार्य पं. किशोर शर्मा के अनुसार इस बार राहु-केतु का राशि परिवर्तन अपने आप में अहम है। क्योंकि इस बार यह दोनों ग्रह ही राशि परिवर्तन नहीं करेंगे बल्कि धनु राशि में पहले से बैठे शनि भी केतु के साथ युति बनाएंगे। इसके साथ ही 31 मार्च से 22 दिन के लिए गुरु भी इस राशि में गोचर करेंगे। इसके कारण धनु राशि में केतु के साथ शनि और गुरु भी विराजमान रहेंगे। ग्रहों के इस खेल से भारत और अधिक मजबूत होकर दुनिया के सामने उभरेगा और आतंकवाद के खात्मे के लिए दृढ़ संकल्प के साथ हमला करेगा। इसके साथ ही इन ग्रहों के खेल का कारोबारी जगत पर भी प्रभाव पड़ेगा।

Posted By:

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

NaiDunia Local
NaiDunia Local
 
Show More Tags