ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को विमानतल पर मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि अग्निपथ योजना को नौजवानों को पहले समझना चाहिए। यह योजना उनके हित में है। चार साल तक सेना में कार्य करने का मौका मिलेगा। इस अवधि में 15 से 20 लाख रुपये का पैकेज मिलेगा। इसके बाद इन नौजवानों को प्राथमिकता के आधार पर तय मापदंडों से आर्म्स फोर्स में जाने का मौका मिलेगा। उनकी योग्यता के अनुसार अन्य विकल्प भी खुले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अभी सेना में सेवानिवृत्ति की आयु अधिक है, इसे भी कम किए जाने पर विचार किया जा रहा है।

सिंधिया ने कहा कि केंद्र सरकार के सभी मंत्रालय इस बात के लिए संकल्पबद्ध हैं कि चार साल सेना में योगदान देने वाले नौजवानों के लिए और भी विकल्प खुले रहेंगे। यह पहला मौका है जब दसवीं के छात्रों को सेना में लिया जा रहा है। अच्छे पैकेज के साथ उन्हें 12वीं पास का सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। कुल मिलाकर अग्निपथ योजना नौजवानों के हित में है। बस इसे नौजवानों को समझाने की आवश्यकता है।

रोटरी क्लब में महिलाओं की सहभागिता दस नहीं 50 प्रतिशत तक होनी चाहिएः विश्व को पोलियो मुक्त कराने में प्रमुख भूमिका निभाने वाली रोटरी क्लब ने ग्वालियर में 75 वर्ष पूर्ण होने पर हीरक जयंती समारोह आइआइटीटीएम के सभागार में सोमवार की रात को मनाया गया। समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि रोटरी क्लब में महिलाओं की सदस्यता दस प्रतिशत है। जबकि देश की आबादी महिलाओं की है। नारी शक्ति का स्थान मंच के पीछे व नीचे नहीं ऊपर होना चाहिए। इसलिए क्लब में महिलाओं की भूमिका को बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद की कि भविष्य में होने वाले कार्यक्रम में नारी शक्ति मंच पर होगी। समारोह में विशेष अतिथि रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3053 के प्रांतपाल संजय मालवीय, डा वीरेंद्र गंगवाल, आयोजन समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र जैन, रवि गुप्ता, रोहित जैन व सचिव प्रदीप पारासर सहित अन्य पदाधिकारी थे। समारोह में रोटरी रीजलन मेडिकल मिशन का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री सिंधिया से डा. पुरेंद्र भसीन और डा. बीआर श्रीवास्तव व अन्य चिकित्सकों ने कराया। इसके साथ ही रोटरी क्लब की डिक्शनरी व स्मारिका विमोचन मुकेश अग्रवाल ने कराया। इससे पहले डा वीरेंद्र गंगवाल सहित अन्य पदाधिकारियों को उल्लेखनीय कार्यों के लिए सिंधिया सम्मानित किया।

विश्व को पोलियो मुक्त कराया: संजय मालवीय ने इस अवसर पर कहा कि एक लाख करोड़ रुपये खर्च कर विश्व को पोलियो मुक्त कराने में रोटरी क्लब की अहम भूमिका रही है। समाजसेवा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाई है। उम्मीद है आगे भी क्लब से जुड़े सेवा के क्षेत्र में ऐसे ही कार्य करेंगे।

अगले 25 साल के संकल्प भी तय करने चाहिएः ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि 150 वर्ष पूर्व रोटरी क्लब की स्थापना हुई थी। यह पौधा आज वटवृक्ष का रूप ले चुका है। इस संस्था का मूल उद्देश्य समाज सेवा है। सनातन धर्म, बौद्ध व जैन धर्म सहित अन्य धर्मों का मूल आधार भी धर्म है। रोटरी की स्थापना करने वाली देश की पहली ग्वालियर स्टेट थी। सिंधिया ने कहा कि हमारे अतीत व वर्तमान व भविष्य सुखद होना चाहिए। स्मारिका 75 सालों का गौरवशाली इतिहास तो है। इसलिए हमें 25 साल का भी संकल्प तैयार करना चाहिए। शहर को स्वच्छ, प्लास्टिक मुक्त, स्वास्थ्य सेवाओं व ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक कार्यों को फोकस करना चाहिए।

सीएम हेल्पलाइन में नगर निगम सबसे फिसड्डीः मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में आने वाली शिकायतों के निराकरण में प्रदेश के 16 नगर निगम में ग्वालियर सबसे फिसड्डी साबित हुआ है। ग्वालियर को हेल्पलाइन की रैंकिंग में 16वां स्थान मिला है। इस रैंकिंग में बुरहानपुर ने एक बार फिर से बाजी मारी है और पहला नंबर हासिल किया है। महानगरों की बात करें, तो सबसे स्वच्छ शहर इंदौर आठवें, जबलपुर नौवें और भोपाल 14वें नंबर पर रहा। यह पहली बार हुआ है, जब ग्वालियर अंतिम पंक्ति में है। सीएम हेल्पलाइन की रैंकिंग में पिछले माह की सूची में ग्वालियर के पास 4527 शिकायतें आई थीं। इनका समय पर निराकरण नहीं हो सका है। इससे नगर निगम का कुल वेटेज स्कोर 80.71 प्रतिशत रहा है। नगर निगम आयुक्त किशोर कान्याल का कहना है कि रैंकिंग में पिछड़ने के कारणों की समीक्षा की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी।

सीएम राइज विद्यालयों के लिए टेंडर जारीः सीएम राइज विद्यालयों की नई इमारतों के निर्माण के लिए शासन ने टेंडर जारी कर दिए हैं। ग्वालियर जिले में आठ सीएम राइज विद्यालयों का निर्माण किया जाना है। इसमें पदमा विद्यालय परिसर में ही सीएम राइज विद्यालय की इमारत बनाई जाएगी। जबकि पटेल विद्यालय की इमारत हजीरा लाइन नंबर 2 में बनेगी। इसी प्रकार कन्या विद्यालय फोर्ट रोड की इमारत ट्रिपल आइटीएम के सामने बनाई जाएगी। इन सभी विद्यालयों में आधुनिक शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी। लेकिन इन विद्यालयों के निर्माण होने तक छात्रों को पुराने विद्यालयों की इमारतों में ही पढ़ना होगा।

Posted By: vikash.pandey

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