Unlock 1.0 : ग्वालियर। कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन और अनलॉक की स्थिति के बीच अब महंगाई का नया लॉकडाउन सामने है। घर से लेकर बाहर तक आपकी जेब पर महंगाई की नजर आ चुकी है। दो महीन से ज्यादा समय तक बाजार-कारोबार पर ब्रेक लगने के बाद अब अनलॉक-1 किया गया है। कारोबार-उद्योगों में काम करने वाले लोगे और मजदूरों के पलायन के बाद अब पहले जैसी रफ्तार बिल्कुल नहीं है और यही कारण है कि अनलॉक-1 मोड की शुरूआत में महंगाई से सामना करना होगा। कोरोना संक्रमण के मापदंडों के कारण लोकल ट्रांसपोर्ट में किराया बढ़ाने की मांग उठने लगी है,पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ा दिए गए हैं। व्यवसायिक परिवहन का कारोबार 25 फीसदी रह गया है तो इसी कारण माल ढ़ुलाई भी महंगी है जिससे किराना से लेकर हर जरूरत के सामान पर असर पड़ेगा। दैनिक जरूरत की चीजों पर भी कीमतों में बढ़ोत्तरी हो गई है। कोरोना संक्रमण के बीच अब हर वर्ग के लोगों के सामने यह महंगाई भी संक्रमण जैसी ही है, जो इतनी जल्द खत्म नहीं होना है।

ऐसे महंगाई : सेक्टर और स्थिति

मेडिकल सेक्टर : कोरोना के संक्रमण के समय में निजी अस्पतालों और लैबों में मरीजों की जेब पर भार बढ़ा है। इलाज के साथ साथ उपकरण व सामग्री के दाम बढ़ाए गए हैं। अस्पतालों में पीपीई किट,मास्ट,सैनिटाइजेशन और डॉक्टरों से लेकर मरीजों तक के सैंपलिंग की फीस को इलाज की फीस में जोड़ा गया है। सामान्य ऑपरेशन में पांच से आठ हजार की वृद्धि की गई है।

यात्री परिवहन : कोरोना के संक्रमण काल में मंगलवार से ही केंद्र व राज्य की गाइडलाइन के अनुसार लोकल ट्रांसपोर्ट को खोला गया है। इसमें ऑटो में दो सवारी और टेंपो में तीन सवारी क्षमता के साथ बसों में आधी क्षमता को अनुमति दी गई है। ऐसे में लोकल ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने कहा है कि कम क्षमता के साथ गुजारा मुश्किल होगा, किराया वृद्वि की मांग की जा रही है।

खानपान-किराना : किराना के सेक्टर से लेकर रोजमर्रा की खानपान की चीजों के दामो में अंतर आया है। परचून का भाड़ा डेढ़ गुना बढ़ गया है। कारोबारी और व्यापारियों का तर्क है कि दो माह से ज्यादा से कारोबार ठप था और अब सप्लाई पटरी पर आ रही है। छोटे दुकानदार खासकर किराना सामग्री में खासकर अपने हिसाब से रेट बढ़ाकर भी दे रहे हैं।

माल-भाड़ा : उद्योग और कारोबारों में लेबर की कमी के कारण अभी ट्रांसपोर्टस का काम पूरा नहीं बल्कि महज 30 फीसद तक चल रहा है। उदाहरण बतौर पहले दिल्ली-ग्वालियर के बीच का माल भाड़ा 130 रुपये प्रति क्विंटल लगता था अब 150 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के सदस्य सुनील माहेश्वरी ने बताया कि सवा से ड़ेढ़ गुना माल भाड़ा बढ़ गया है।

रसोई गैस : एलपीजी के मई में घरेलू सिलेंडर के रेट 605 रुपये थे और व्यवसायिक सिलेंडर के रेट 1199 रुपये थे। अब बढाई गई कीमत में घरेलू सिलेंडर 669 रुपये और व्यवसायिक 1309.50 रुपये का कर दिया गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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