-बाजारों में दाएं-बाएं का सिस्टम हुआ खत्म, सभी दुकानें एक साथ खुलीं, मगर अपेक्षित ग्राहकी नहीं हुई

Unlock Gwalior: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना वायरस के कारण बीते दिनों 46 दिन का कोरोना कर्फ्यू प्रदेशभर के साथ ही ग्वालियर में प्रभावी किया गया था। 1 जून से शहर के बाजार दाएं-बाएं की व्यवस्था के साथ आधे-अधूरे खोले जा रहे थे। मगर गुरुवार को जिला प्रशासन के आदेशानुसार शहर के सभी बाजार व दुकानें खोली गईं। आशंका जताई जा रही थी कि पहले दिन बाजार पूर्णत: खुलने पर लोगों की भीड़ उमड़ेगी। मगर ऐसा नहीं हुआ। टोपी बाजार, नजर बाग मार्केट, सुभाष मार्केट, गांधी मार्केट, नया बाजार, माधौगंज, दौलतगंज, नईसड़क, ओल्ड हाइकोर्ट आदि बाजारों में कम भीड़ होने के कारण शारीरिक दूरी का पालन हो रहा था। कुछ ग्राहक व व्यापारियों को छोड़कर ज्यादातर लोग मास्क भी लगाए हुए थे। लोहिया बाजार व दाल बाजार में भी संतोषजनक स्थिति रही।

दोपहर 2 बजे के करीब तो ज्यादातर बाजारों में सन्नाटा देखा गया, हालांकि ग्राहकों की कम संख्या को लेकर व्यापारियों ने गर्मी को कारण बताया। व्यापारियों का कहना है कि बीते दिनों के मुकाबले ग्राहकी में इजाफा हुआ है। मगर उतने ग्राहक गुरुवार को पूरे बाजार खुलने के पहले नहीं आए, जितनी उम्मीद की जा रही थी।

-मनोवैज्ञानिक सूतक के कारण नहीं हुई भीड़

बाजारों में गुरुवार को अधिक भीड़ न होने के तीन कारण व्यापारियों द्वारा बताए गए। दुकानदारों का कहना था कि गर्मी के अलावा गुरुवार को वट सावित्री व्रत महिलाओं ने रखा था, घर का कामकाज व वटवृक्ष के पूजन में उन्हें पूरा दिन गुजर गया। जिसके कारण बाजारों में वे खरीदी करने नहीं पहुंची। इसके अलावा गुरुवार को देश के कुछ हिस्सों में आंशिक सूर्यग्रहण भी रहा। यूं तो सूर्यग्रहण का सूतक ग्वालियर में नहीं था, मगर फिर भी आम लोगों पर ग्रहण का मनोवैज्ञानिक प्रभाव रहा। लोगों ने सूतक मानते हुए ही अपने तमाम कामकाज किए, जिसके कारण ये लोग भी खरीदारी करने नहीं पहुंचे।

व्यापारियों ने कराया वैक्सीनेशन, कुछ अभी भी घबरा रहे

-मुझे वैक्सीन लगवाने में डर लग रहा था, इसलिए अभी तक वैक्सीन नहीं लगवाई है। हालांकि 18 से 45 वर्ष के लोगों को वैक्सीनेशन कराने में काफी परेशानी पूर्व में आ रही थी, इसलिए भी वैक्सीन नहीं लगवा पाय। सभी बोल रहे हैं, अब मुझे समझ आ गया है कि वैक्सीन सुरक्षित है। मैं कल ही वैक्सीन लगवा लूंगा।

नितिन, टेंट व्यवसाई, लोहिया बाजार

-मैंने वैक्सीन लगवा ली है, परिवार के अन्य सदस्यों का भी वैक्सीनेशन करा दिया है। अन्य व्यापारियों से भी लगातार कह रहा हूं कि वे वैक्सीन लगवा लें, क्योंकि हम बहुत अधिक लोगों के संपर्क में आते हैं। वैक्सीनेशन कराने से न केवल हम सुरक्षित रहेंगे, बल्कि हमारे संपर्क में आने वाले अन्य लोगों को भी सुरक्षा मिलेगी।

अमत सरावगी, लोहा व्यवसाई, दाल बाजार

-हमें तो दुकान पर बैठना ही था, लोगों के संपर्क में भी आना स्वभाविक है। ऐसे में मैंने व मेरे परिवार ने मई माह में ही वैक्सीनेशन करा लिया था। किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ नहीं हुई। अब अपनी दुकान पर हम आराम से व्यापार करते हैं, वैक्सीनेशन हो जाने के कारण संक्रमण का खतरा भी कम हो गया है।

समीर जयसिंघानी, मोबाइल कारोबारी, टोपी बाजार

-हम दुकान पर मास्क लगाकर बैठते हैं, मगर फिर भी कोरोना संक्रमित होने का कतरा कम नहीं होता। ऐसे में खुद को व परिवार को सुरक्षित करने के लिए वैक्सीनेशन के अलावा क्या विकल्प बचता है? जब डाक्टर खुद व अपने बच्चों को वैक्सीन लगवा रहे हैं, वैक्सीन सुरक्षित है। फिर भी वैक्सीनेशन न कराना गलत है।

मयंक कुशवाह, इलेक्ट्रानिक्स कारोबारी, कंपू

Posted By: anil.tomar

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

NaiDunia Local
NaiDunia Local
 
Show More Tags