दाएं-बाएं का सिस्टम व्यापारियों को नहीं आया रास, दुकान खोलने को लेकर आपस में हुए विवाद

- 46 दिन में लगे मकड़ी के जाले, जम गई धूल, खुली शटर तो व्यापारियों ने की सफाई

-अनलाक बाजारों में पहले दिन नहीं हुआ अपेक्षित व्यापार, गर्मी के कारण नहीं उमड़ी भीड़

Unlock Gwalior : ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। बीते 46 दिन बाद शहर के बाजार मंगलवार को खोले गए। मगर प्रशानिक आदेशानुसार शहर की आधी दुकानें खोलना व्यापारियों को ज्यादा रास नहीं आया। क्योंकि शहर के सभी छोटे-बड़े बाजारों में व्यापारियों को दाएं-बाएं व तिराहे-चौराहे वाला सिस्टम समझ नहीं आया। आलम यह रहा कि लोहिया बाजार, साराफा बाजार, टोपी बाजार समेत अन्य बाजारों में व्यापारियों के बीच पहले ही दिन विवाद होते देखे गए। जिस दिशा की दुकानें आदेशानुसार नहीं खुलनी चाहिए थी, उन्होंने भी अपनी दुकान खोल ली, जिसका अन्य व्यापारियों द्वारा विरोध किया गया। वहीं तेज गर्मी के कारण दोपहरी में ग्राहक बाजार नहीं पहुंचे। जिसके कारण दुकानदारों का अपेक्षित व्यापार भी नहीं हुआ। व्यापारियों का कहना है कि दुकान बिल्कुल भी नहीं चली। हालांकि 46 दिन बाद दुकान की शटर जब खुली तो मकड़ी के जाले व हर सामान पर धूल जमी हुई थी। दिन के 3-4 घंटे तो सफाई करने में ही गुजर गए। व्यापारियों का कहना है कि आधी दुकानें खोलने का सिस्टम कारगर नहीं हैं। प्रशासन चाहे तो एक दिन छोड़कर भी दुकान खुलवाए, मगर बाजार एक साथ पूरा खुलना चाहिए। इससे बाजारों में भीड़ भी कम होगी व्यापार भी अच्छा होगा व आम नागरिकों को सुविधा भी रहेगी।

चूंकि डेढ़ महीने बाद बाजार खुल रहे हैं, ऐसे में आशंका थी कि 5 बजे के करीब अत्यधिक भीड़ जुटेगी। मगर ऐसा नहीं हुआ। 6 जून तक अगर कोरोना संक्रमित मरीज कम हुए व संक्रमण की स्थिति नियंत्रित रही। तो पूरा बाजार खोलने के लिए पुरजोर मांग करेंगे। बाजार में 90 फीसद लोग मास्क लगा रहे हैं, जो 10 फीसद लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं उनसे प्रशासन सख्ती से निपटे।

डॉ.प्रवीण अग्रवाल, मानसेवी सचिव, चैंबर आफ कामर्स

सुबह 6 से 11 व 11 से 5 बजे तक दो हिस्सों में बांटकर दुकानें खोलने की व्यवस्था ठीक रहेगी। सेगमेंट के हिसाब से भी बाजार खोले जा सकते हैं। मिठाई की दुकानें रोजाना खोलने की अनुमति मिले, क्योंकि उनका माल खराब हो जाता है। गर्मी व कोरोना के कारण व्यापार तो हो नहीं रहा, दाएं-बाएं के फेर में दुकानदारों के झगड़े जरूर हो रहे हैं।

भूपेंद्र जैन, प्रदेशाध्यक्ष, कैट मप्र

बाजार में भीड़ बिल्कुल नहीं रही, ऐसे में एक लाइन दुकानें खोलने वाली व्यवस्था को कुछ दिन बरकरार रख सकते हैं। बाजार में प्रशासन ने यह स्पष्ट लिख दिया है कि कौन से दिन किस पट्टी की दुकानें खुलेंगी

मनीष बांदिल, सचिव, दाल बाजार व्यापार समिति

एक तरफ बाजार खुलने से व्यापार नहीं चलेगा। जनता भी भ्रमित हो रही है। अनलाक के पहले दिन बिल्कुल भी बिक्री नहीं हुई। डेढ़ महीने से दुकानें बंद थी, दुकान खोली तो मकड़ी के जाले लगे हुए मिले, धूल जमी हुई थी, जिसे साफ करने में ही दिन गुजर गया। प्रशासन की यह व्यवस्था पूरी तरह से गलत है। भलें एक दिन छोड़कर दुकानें खोलें, मगर पूरा बाजार एक साथ खुलना चाहिए।

पुरुषोत्तम जैन, अध्यक्ष, सोना एवं व्यापारी संघ

यह व्यवस्था सही नहीं है, व्यापारियों के बीच दुकान खोलने को लेकर विवाद हो रहे हैं। दुकानदारों के ग्राहक भी बंधे हुए होते हैं, उन ग्राहकों को समझ नहीं आ रहा कि दुकान खुली होगी कि नहीं। दोपहर की गर्मी के कारण खास व्यापार भी नहीं हुआ। यह कोरोना के खतरे के नजरिए से अच्छा है, मगर व्यापार के हिसाब से खराब।

संदीप वैश्य, अध्यक्ष, टोपी बाजार व्यापारी संगठन

इंदौर में असफल रहा था आड- इवन फार्मूला

कोरोना की पहली लहर के बाद शहर को सिलसिलेवार अनलाक करने की कोशिश में अपनाया गया अॉड-इवन फार्मूला इंदौर में असफल रहा था। आपदा प्रबंधन समिति की अनुशंसा पर प्रशासन ने इसे लागू तो कर दिया, लेकिन व्यापारियों का जबरदस्त विरोध हुआ और इसे वापस लेना पड़ा। आड-इवन फार्मूले को लेकर भाजपा-कांग्रेस के नेता आमने-सामने भी हुए। कांग्रेसी विधायक सहित कई नेताओं पर पुलिस ने आपराधिक प्रकरण तक दर्ज किए। मामले अब भी न्यायालय में लंबित हैं। इस फार्मुले की सबसे बड़ी खामी ये रही कि एक लेन खोलने पर उसकी दुकानों पर भीड़ अधिक जुटी। जबकि यदि दोनों और की दुकानें खुली रहती तो इतनी भीड़ नहीं जुटती। आड-इवन फेल होने के बाद प्रशासन ने एक दुकान छोड़कर एक खोलने के फार्मूले के तहत बाजार खोलने का प्रयास किया, लेकिन इसका भी विरोध हुआ और यह भी असफल हो गया। अंतत: दोनों ही प्रयोग बंद करना पड़े।

बिना मास्त मिले मजदूर, व्यापारी व ग्राहक: कांफेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के पदाधिकारी मंगलवार को विभिन्न बाजारों में व्यापारियों के बीच पहुंचे। लोहिया बाजार में उन्हें व्यापारी, ग्राहक, कर्मचारी, ठेले वाले, हम्बाल व अन्य मजदूर बिना मास्क पहने मिले। जिन्हें कैट पदाधिकारियों द्वारा समझाया गया कि यदि सुरक्षापूर्व बाजार नहीं खुले, तो पुन: बंद की स्थिति न आ जाए। सराफा बाजार समेत अन्य बाजारों में भी कैट पदाधिकारी पहुंचे। पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल, कैट प्रदेशाध्यक्ष भूपेंद्र जैन, जिलाध्यक्ष रवि गुप्ता आदि इस दौरान मौजूद रहे। कुछ बाजारों में अनाधिकृत दिशा में भी दुकानें खुली थीं, जिसके कारण व्यापारियों में विवाद हो रहा था। कैट पदाधिकारियों ने इन दुकानों को समझाइश देकर बंद कराया। कैट ने नियमविरुद्ध चलने वाले चिन्हित व्यापारियों के नाम व फोटो एकत्रित कर संबंधित बाजार के अध्यक्ष तक पहुंचाए हैं। ताकि बाजार स्तर पर उनपर कार्रवाई सुनिश्चित हो।

Posted By: anil.tomar

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