ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। भाई-बहन के पवित्र त्योहार रखा बंधन पर राखी की बिक्री बढ़ गई है। ज्वेलर्स के पास हालमार्क लगी सोने चांदी की राखी की बिक्री तेजी से बढ़ गई है। बहनें अपने भाईयों के लिए 200 रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक की राखी पसंद कर रही हैं। इसी तरह से बाजार में धागे की राखियों की दुकानें भी सज गई हैं। जिन पर दो से लेकर दो सौ रुपये तक की राखी उपलब्ध है। लेकिन देखा जा रहा है कि राखी का आनलाइन बाजार तेजी से बढ़ रहा है। क्योंकि दूसरे शहर में रहने वाले भाइयों को राखी पहुंचाने के लिए बहनें आनलाइन खरीद कर सीधे भाई के घर पर डिलीवरी करा रही हैं। जिससे उन्हें न तो राखी खरीदने के लिए बाजार जाना पड़ता और नहीं स्पीड पोस्ट के लिए खर्च करना पड़ रहा है। हालांकि बाजार में सजी दुकानों पर मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद और राजकोट की राखियां कब्जा जमाए हुए हैं। दुकानों पर दो से दो सौ रुपये तक की राखी उपलब्ध है। पुरुषों के लिए अमेरिकन डायमंड से जड़ी राखी तो महिलाओं के लिए कड़े की राखी बाजार में सबसे अधिक पसंद की जा रही है। इसी तरह से मुंह मीठा करने के लिए ड्रायफ्रूट गिफ्ट की आनलाइन मांग बढ़ गई है।

कलकत्ता व राजकोट से आई राखी

देश में राखी का सबसे अधिक निर्माण कलकत्ता, अहमदाबाद,राजकोट,मुंबई में होता है। इसके बाद बच्चों के गुड्डे,गुड़िया,छोटा भीम,मोटू पतलू जैसे कार्टून की राखियां चाइना से आ रही है जिसकी मांग है पर कम है। फ्रेंडसिप लुक व स्टोन से बनी राखी मुंबई से आती है। जबकि चांदी व मेटल की राखी राजकोट से , फैंसी व डिजाइनर्स राखी कलकत्ता से आई है। इस वक्त महिलाओं के लिए कड़े वाली राखी सबसे अधिक पसंद की जा रही है जो मुंबई से आ रही है। जबकि राजस्थान के अलवार से चूड़ी में बांधने वाले लुंबे/राखी/ मंगवाए गए हैं।

इस बार ड्रायफ्रूट व सादा पेठा की बढ़ी मांग

कोरोना के दो साल लोगों ने राखी का त्योहार आनलाइन ही मनाया। पिछले वर्ष भी लोगों का राखी के त्योहार पर कम ही मिलना जुलना रहा है। इस बार राखी के त्योहार पर बाजार में रौनक दिखाई दे रही है। लेकिन भाई का मुंह मीठा करने के लिए इस बार बहनें मिठाई के स्थान पर ड्रायफ्रूट के पैक अधिक पसंद कर रही है। उसका कारण बताया जा रहा है कि लोग अब स्वास्थ्य के प्रति सचेत हुए हैं। मिठाई में रंग व अन्य कैमिकल की मिलावट से बीमार होने का डर सता रहा है। इसी तरह से सोन पपड़ी पर भी कम ही विश्ववास जता रहे हैं। लेकिन सादा पेठा और ड्रायफ्रूट पर लोग विश्ववास जता रहे हैं इसलिए इनकी मांग बढ़ रही है। दानाओली में पेठा की दुकानें सज चुकी है और माल की उपलब्धता के लिए काम तेज हो गया। इसी तरह से ड्रायफ्रूट के पैकट अब किराने की दुकानों पर सजे हुए हैं।

आनलाइन बढ़ा बाजार

राखी,मिठाई,कपड़ा और गिफ्ट के लिए भी भाई बहन आनलाइन मार्केट पर अधिक विश्ववास जता रहे हैं। लोग आनलाइन मनपसंद गिफ्ट का चुनाव कर रहे हैं। आनलाइन खरीद पर आफर मिलने से कीमत भी घट जाती है। यदि मनपसंद मंगवाई गई वस्तु में कोई गड़बड़ी है तो वह वापस की जा सकती है। इसलिए लोग आनलाइन खरीद पर अधिक जा रहे हैं।

इनका कहना है

पिछले दो साल से कोरोना के चलते राखी पर बाजार बंद सा रहा। लेकिन इस बार राखी के त्योहार पर बाजार चल रहा है। सोने चांदी की राखी की बिक्री बढ़ी है। बहनें अपनी पाकेट के हिसाब से सोने व चांदी की राखी खरीद रही और इस बार नए नए डिजाइन राखी में आए हैं। राखी हालमार्क लगी आ रही हैं।

पुरुषोत्तम जैन, अध्यक्ष सराफा व्यवसायी संघ

राखी दिल्ली से लोग ला रहे हैं। लेकिन दिल्ली में मुंबई,राजकोट,अहमदाबाद,कलकत्ता से राखी पहुंचती है। राखी के त्योहार से दो सप्ताह पहले से राखी की बिक्री बढ़ जाती थी। क्योंकि बहनों को बाहर रहने वाले भाई को भेजनी होती थी। इस बार बिक्री कम है लोग आनलाइन खरीद अधिक कर रहे हैं। जो बिक्री होगी वह त्योहार पर होगी।

जगदीश प्रसाद गुप्ता, राखी व्यवसायी

Posted By: anil tomar

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