ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर की सीमा में आने वाले चार बांधों को इस साल नहीं भर सकेंगे, क्योंकि इन बांधाें को भरने के लिए बनाई गई नहर क्षतिग्रस्त हो गई है। इस नहर की मरम्मत भी नहीं की गई है। ऐसे में इस साल बारिश के बाद इन बांधों को नहीं भरा जा सकेगा। हालांकि इनके भरने के लिए शासन ने पैसों की मंजूरी दे दी है। लेकिन बारिश के मौसम में निर्माण कार्य नहीं होने के कारण इस साल बांध नहीं भर पाएंगे। वहीं शासन ने इन चाराें बांधाें को आपस में जोड़ने के लिए रिंग रोड के प्रस्ताव को हरी झण्डी दे दी है। इसके लिए शासन ने 18 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। रिंग रोड के बन जाने से एक ओर जहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, इससे इन पूरे क्षेत्र का विकास संभव हो पाएगा।

स्वर्णरेखा नदी पर बने वीरपुर, हनुमान, गिरवाई बांध एवं मामा के बांध को फिर से पुनर्जीवित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए शासन ने 35 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। इसके साथ ही इन बांधों को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की भी योजना है। इस योजना के तहत इन बांधों में पानी भर जाने के बाद यहां पर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वोटिंग आदि की सुविधा भी दी जाएगी। इसके साथ ही यहां पर पर्यटक आसानी से पहुंच सके। इसके लिए यहां पर रिंग रोड भी बनाई जाएगी। इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार ने 18 करोड रुपये की स्वीकृति दे दी है। शासन ने नहर को भी ठीक करने की स्वीकृति दी है। लेकिन इसके लिए जल संसाधन विभाग लंबे समय से टेण्डर नहीं कर पाया है।

30 साल से हो रही है बांधों में खेती

30 साल से अधिक समय से इन सभी बांधों में खेती की जा रही है, इसके कारण यहां पर बारिश के पानी को रूकने नहीं देते हैं। मामा का बांध में किसानों ने बीच में बोरिंग तक करा दी है। इसके कारण इन बांधों की स्थिति जर्जर हो चुकी है। इसके साथ ही किसानों ने बांधों के अंदर तक पहुंचने के लिए कई जगह से दीवार को भी क्षतिग्रसत कर दिया है।

Posted By: anil tomar

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