Vehicles Sale in Mela: वरुण शर्मा. ग्वालियर। देशभर में प्रसिद्व ऐतिहासिक ग्वालियर व्यापार मेला की साख पर ग्वालियर के ही आटोमोबाइल डीलर बटटा लगाने पर उतारू हैं। आरटीओ टैक्स की जो 50 प्रतिशत छूट सरकार की ओर से दी जा रही है, वह डीलरों ने छीन ली है। वह ऐसे की आपको अपनी मनपसंद कार चाहिए और मेला की छूट का फायदा लेना है तो हजारों की एसेसरीज लेना होगी। यह एक दो हजार की नहीं बल्कि तीस से चालीस हजार तक की एसेसरीज है जो ग्राहकों पर थोपी जा रही है। आटोमोबाइल शोरूम पर साफ कहा जा रहा है कि यह तो लेना ही होगा तभी गाड़ी और मेला छूट मिलेगी। यहां तक कि कुछ शोरूमों पर तो यह कहा जा रहा है कि कंपनी ने गाड़ियों का मेला के लिए स्टाक इसी शर्त पर दिया है कि एसेसरीज बेचना होंगी। इतना ही नहीं बल्कि आरटीओ रजिस्ट्रेशन में भी एजेंट के खर्च के नाम पर बढ़ाकर वसूली हो रही है। उधर परिवहन विभाग के मुख्यालय जिले में यह हो रहा है और विभाग सो रहा है। नईदुनिया की टीम ने बुधवार को शहर के आटोमोबाइल शोरूम पर ग्राहक बनकर जब कुटेशन लिए तो यह मेला छूट का झूठ पकड़ में आ गया।

नईदुनिया आन द स्पाट: मनमानी का यह खेल

1-प्रेम मोटर्स

यहां नईदुनिया टीम ने मारूति कंपनी की ब्रेजा जेडएक्स आइ की बात की, कुल कीमत 12 लाख 60 हजार बताई। शोरूम पर मेला छूट देना बताय और सेल्समैन ने कहा कि चालीस हजार की एसेसरीज लेना होगी। हमने कहा इतनी नहीं ले पाएंगे तो कहा कि कुछ कम कर देंगे लेेकिन लेना होगा। इशारा था कि 20 हजार की तो लेना ही पड़ेगी। इसके अलावा एक्सटेंडेड वारंटी के 18 हजार और फास्टैग के 600 रूपए कुटेशन में दिए गए।

क्या बोले: शोरूम इंचार्ज जसवीर जाट ने कहा कि एसेसरीज अनिवार्य नहीं है, मैं स्टाफ से चेक कराता हूं।

2-एएसएम हुंडई: यहां टीम ने क्रेटा पेट्रोल वेरिएंट की बात की तो गाड़ी की कुल कीमत मेला छूट लागू कर 1592721 बताई। इसमें एसेसरीज के आगे 40 हजार रूपए लिखा गया,हमने कहा यह नहीं हटेगा तो कहा कि थोड़ा ही कम होगा यह तो जरूरी है। नहीं लेने पर गाड़ी भी देने से मना किया गया। एक्सटेंडेड वारंटी के नाम पर 20 हजार लिखा गया। हुंडई पर पैकेजनुमा रेट बनाकर गाड़ी बेची जा रही है क्योंकि यहां क्रेटा और वेन्यू बहुत डिमांड में हैं। ग्राहक पर विकल्प नहीं इसी का फायदा उठाया जा रहा है।

क्या बोले: एजेंसी संचालक संजय गर्ग ने कहा कि ऐससरीज अनिवार्य नहीं है, यह वैकल्पिक है, हम मामला दिखवाते हैं।

3-रायल किया: यहां टीम ने किया केरेन प्रेस्टीज माडल की बात की और गाड़ी की कुल कीमत 17 लाख 1756 रूपए बताई। यहां भी कुटेशन में एसेेसरीज के नाम पर 25 हजार रूपए जोड़ दिए गए। पांच सौ रूप्ए फास्टैग व एक्सटेंडेड वारंटी के नाम पर 26 हजार लगा दिए गए। टीम ने कहा कि एसेसरीज जरूरी है क्या तो कहा कि कुछ कम ले लेना लेकिन लेना तो होंगी। बाहर पूरी नहीं ली जा सकती हैं।

क्या बोले: एजेंसी संचालक ऋषभ समाधिया ने कहा कि एसेसरीज,फास्टैग व वारंटी सभी वैकल्पिक है, हम चेक कराते हैं किसने ऐसा कहा।

4-रायल आटोमोबाइल महिंद्रा: यहां टीम ने बोलेरो नियो की बात की जिसकी कुल कीमत 1082438 बताई और एसेसरीज के रेट 20500 कुटेशन में लिखकर दिए। इसके अलावा रोड साइड असिस्टेंस के नाम पर 2021 रूपए और वारंटी चार साल की 9911 रूपए में लिख दी। हमने कहा कि एसेसरीज जरूरी है क्या तो कहा कि इसको हटा देते हैं आप बाहर से ले लेना लेकिन रोड साइड व वारंटी तो लेना ही होगा। इसतरह यहां घुमाकर 11 हजार रूपए अतिरिक्त लिए जा रहे थे।

क्या बोले: एजेंसी संचालक ऋषभ समाधिया ने कहा कि सेल्समैन ने गलत जानकारी दी होगी,एसेसरीज,आरएसए व वारंटी सबभी वैकल्पिक है।

5-सुमेधा निसान: यहां टीम ने मैगनाइट की बात की और कुल कीमत में यहां 2999 की एसेसरीज बताई जाे हटाने के लिए भी राजी हो गए। यहां 2022 के माडल पर दस हजार की छूट अलग से दी जा रही थी। गोल्ड केयर आफयर में 6600 रूपए कुटेशन में लिखे जिसे बाद में हटा लिया गया। यहां किसी तरह की एसेसरीज हो या दूसरी चीजें अनिवार्यता नहीं थी।

क्या बोले: संचालक श्याम गुप्ता ने कहा कि हमारे यहां दूसरों की तरह किसी तरह की अनिवार्यता नहीं है।

6-एमजी ग्वालियर: एमजी ग्वालियर पर टीम ने एस्टर गाड़ी सहित दूसरी गाड़ी की बात की जिसमें यहां एसेसरीज लिखकर कुटेशन में नहीं दी गई थी न ही कोई दवाब बनाया जा रहा था। यहां वेल्यू एडेड सर्विसेस शामिल थी और फास्टैग के साथ हैंडलिंग चार्ज भी हटाने को राजी हो गए थे।

क्या बोले: संचालक श्याम गुप्ता ने कहा कि हमारे यहां दूसरों की तरह किसी तरह की अनिवार्यता नहीं है।

कथन

मेले से वाहन खरीदने पर डीलर किसी को एसेसरीज के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं। एसेसरीज खरीदना अनिवार्य नहीं है। एसेसरीज के लिए मजबूर किया जा रहा है और हमारे किसकी शिकायत अाती है तो संबंधित डीलर पर कार्रवाई की जाएगी।

एसके झा, परिवहन आयुक्त, मप्र

वाहन डीलर अगर मेला छूट के नाम पर एसेसरीज खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं तो यह गलत व नियम विरूद्व है। इस मामले में हम डीलर्स से नोटिस देकर जवाब लेंगे और आगामी कार्रवाई की जाएगी।

एचके सिंह,आरटीओ ग्वालियर

एक्सपर्ट बोले: नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन करें फोन

इस संबंध में विशेषज्ञ अधिवक्ता मनोज उपाध्याय ने बताया कि यह अनफेयर ट्रेड की श्रेणी में आता है, इसके लिए पहले नेशनल कंज्यूमर फोरम की हेल्पलाइन पर शिकायत रजिस्टर कराई जा सकती है। जिलों में उपभोक्ता फोरम में शिकायत कर सकते हैं। एसेसरीज के लिए वाहन डीलर मजबूर नहीं कर सकते।

Posted By: anil tomar

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