ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

डायरेक्टर मेडिकल एज्युकेशन डॉ उल्का श्रीवास्तव ने जीआर मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक्स विभाग में सहायक प्राध्यापक डॉ रूप शर्मा को बर्खास्त करने के आदेश जारी किए हैं। उनके खिलाफ फर्जी सीनियर रेजीडेंसी का सर्टिफिकेट लगाकर नौकरी हासिल करने की शिकायत सही पाए जाने पर कार्रवाई की गई है। साथ ही मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर उनका रजिस्ट्रेशन कैंसल करने के लिए भी कहा गया है। खास बात ये है कि पत्र मेडिकल कॉलेज को मिले दो दिन हो चुके हैं, लेकिन कार्रवाई अब तक नहीं हुई है। खबर है कि कॉलेज के रिटायर्ड प्रोफेसर के पुत्र होने के कारण मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

18 सितंबर 2018 को जीआर मेडिकल कॉलेज में पीडियाट्रिक्स विभाग में सहायक प्राध्यापक पद के लिए इंटरव्यू हुए थे। 19 सितंबर को डॉ रूप शर्मा ने पीडियाट्रिक्स विभाग में सहायक प्राध्यापक के रूप में ज्वाइन कर लिया था। जबकि एक उम्मीद्वार डॉ सतेन्द्र राजपूत का नाम वेटिंग में डाल दिया गया था। डॉ राजपूत ने चिकित्सा शिक्षा विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी कि डॉ रूप शर्मा ने जो दस्तावेज लगाए हैं, वह पूरी तरह फर्जी हैं। साथ ही न्यायालय में भी इस संबंध में याचिका लगाई थी। डीएमई डॉ उल्का श्रीवास्तव ने मामले की जांच की। जिसमें शिकायत को सही पाए जाने पर 8 नवंबर को कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए गए हैं। जिसमें डॉ रूप शर्मा को बर्खास्त करने के साथ ही कैविएट लगाने के निर्देश मेडिकल कॉलेज की डीन को दिए गए हैं। इसके अलावा डीएमई कार्यालय ने डॉ शर्मा का रजिस्ट्रेशन कैंसल करने के लिए मेडिकल काउंसिल को पत्र लिख दिया है और कार्रवाई से तत्काल अवगत कराने के लिए भी कहा गया है। वहीं वेटिंग लिस्ट के उम्मीद्वार डॉ सतेन्द्र राजपूत की ज्वाइन कराने के आदेश भी दिए गए हैं।

एनाटॉमी के पूर्व एचओडी के पुत्र हैं डॉ शर्माः-

पीडियाट्रिक्स विभाग में सहायक प्राध्यापक डॉ रूप शर्मा जीआर मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग के पूर्व एचओडी डॉ एसके शर्मा के पुत्र हैं। इसी वजह से कॉलेज प्रबंधन प्रयास कर रहा है कि किसी भी प्रकार से मामला दब जाए।

क्या फर्जीवाड़ा किया गया थाः-

डॉ रूप शर्मा ने 1 नवंबर 2012 से 20 जून 2013 का सीनियर रेजीडेन्स के अनुभव का सुभारती मेडिकल कॉलेज मेरठ का सर्टिफिकेट लगाया था। जबकि शिकायतकर्ता का कहना था कि इस अवधि में डॉ शर्मा गंगाराम हॉस्पिटल दिल्ली में काम कर रहे थे। इतना ही नहीं डॉ शर्मा ने आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज उज्जैन का भी 4 माह का अनुभव प्रमाण पत्र लगाया था। शिकायतकर्ता का कहना था कि जिस समय का सर्टिफिकेट हैं, उस दौरान डॉ रूप शर्मा की एमडी की डिग्री ही पूरी नहीं हुई थी।

कैसे पकड़ी गई गड़बड़ीः-

इस मामले में जब सुभारती मेडिकल कॉलेज को पत्र लिखा तो उनका कहना था कि डॉ रूप शर्मा ने उनके यहां उक्त अवधि में सीनियर रेजीडेन्स के रूप में काम किया है। जब गंगाराम अस्पताल से सेलरी एवं दस्तावेज निकलवाए तो पता चला कि उस अवधि में वह हॉस्पिटल में ही काम कर रहे थे। जिससे पूरा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। इसके बाद ही डीएमई कार्यालय ने कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।

ऐसे लटकाने का प्रयास किया जा रहा मामलाः-डीएमई के आदेश के बाद भी कार्रवाई करने की जगह कॉलेज प्रबंधन इस मामले को कमिश्नर के पास भेजेगा। जिससे वहां से क्लीयर होने में 2-3 दिन लग जाएंगे। इस अवधि में यदि डॉक्टर रूप शर्मा न्यायालय की शरण ले लेते हैं तो कार्रवाई अटक सकती है। जबकि डीएमई का आदेश होने के कारण डीन इस मामले में सीधे एक्शन ले सकती हैं।

अब क्याः-

-एमसीआई ने रजिस्ट्रेशन कैंसल किया तो देश में कहीं भी प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे डॉ रूप शर्मा।

-कैविएट लगाने के बाद डॉक्टर यदि न्यायालय की शरण भी लेते हैं तो बिना शासन का पक्ष सुने स्टे नहीं मिल सकेगा।

-डॉ सतेन्द्र राजपूत की ज्वाइनिंग फाइनल हो जाएगी।

वर्जनः-

डीएमई ने डॉ रूप शर्मा को बर्खास्त करने एवं वेटिंग लिस्ट में शामिल उम्मीद्वार को ज्वाइन कराने के निर्देश दिए हैं। एमसीआई को पत्र डीएमई द्वारा लिखा गया है। हमें शुक्रवार की शाम को यह पत्र मिला है। इसके बाद अवकाश पड़ गया था। हम इस मामले को कमिश्नर के पास भेज रहे हैं, क्योंकि वही स्वशासी समिति के अध्यक्ष हैं। जो निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

डॉ सरोज कोठारी, प्रभारी डीन, जीआर मेडिकल कॉलेज

Posted By: Nai Dunia News Network