ग्वालियर। पीएमटी रैकेट के लिए दलाली करने के आरोप में एसआईटी ने सोमवार को शिवपुरी जिले के रन्नाौद में पदस्थ सहायक पशु चिकित्सक विनोद शाक्य को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी पर 3 हजार रुपए का इनाम घोषित था। एसआईटी ने विनोद शाक्य को जेएमएफसी अमर गोयल की कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने डॉ. शाक्य को 12 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

एसआईटी प्रभारी (एएसपी) वीरेंद्र जैन ने बताया कि 2008 बैच के फर्जी छात्र गुलाब माथुर ने पकड़े जाने के बाद बताया था कि उसके बचपन के दोस्त मुकेश नागर के माध्यम से उसकी पहचान पशु चिकित्सक विनोद शाक्य से हुई थी। विनोद ने ही 3.50 लाख रुपए लेकर सॉल्वर के जरिए पीएमटी में उसका सिलेक्शन कराया था। विनोद शाक्य निवासी जौरा (मुरैना) का नाम दलाल के रूप में सामने आने के बाद एसआईटी को उसकी तलाश थी। सोमवार को पुलिस ने विनोद पकड़ लिया।

महू (इंदौर) के विकास ठाकुर ने किया था सॉल्वर का इंतजाम-

एसआईटी की गिरफ्त में आने के बाद विनोद शाक्य ने पूछताछ में बताया कि 2004 में उसका सॉल्वर के माध्यम से पीएमटी में सिलेक्शन हो गया और उसके बाद उसे महू वेटनरी कॉलेज मिल गया। जहां उसकी दोस्ती 2005 बैच के विकास ठाकुर से हो गई। जो कि पीएमटी रैकेट से जुड़ा हुआ था। गुलाब माथुर का सिलेक्शन विकास के माध्यम से ही कराया था। आरोपी विनोद शाक्य वर्तमान में शिवपुरी जिले के रन्नौद में सहायक पशु चिकित्सक के पद पर पदस्थ है।