ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। भगवान राम और माता सीता के विवाह की महापर्व पंचमी बुधवार को मनाई जाएगी। विवाह पंचमी मार्गशीर्ष के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। इस मौके पर शहर में कई कार्यक्रम होंगे और राम-सीता के विवाह की रस्में परंपरानुसार निभाई जाएंगी। कहा जाता है भगवान राम और माता सीता का विवाह त्रेतायुग में मार्गशीर्ष के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि में हुआ था। इसी मान्यता के चलते प्रति वर्ष विवाह पंचमी तिथि पर राम सीता के विवाह की रस्में निभाई जाती हैं। शहर के सभी राम मंदिरों में विशेष कार्यक्रम रखे जाते हैं। इन कार्यक्रमों में शहरवासी भी भाग लेते हैं। इतना ही नहीं मंदिर से भगवान राम की बरात निकाली जाती है, जो परिसर में सजाए मंडप तक पहुंचती है। यहां भगवान राम और सीता का विवाह होता है।

मंदिर का एक हिस्सा दिखेगा अयोध्या जैसा: अग्रवाल पंचायत राम मंदिर फालका बाजार के सचिव गोविंद प्रसाद बंसल ने बताया कि विवाह पंचमी पर भगवान राम का विवाहोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। मंदिर के एक हिस्से को अयोध्या और दूसरे हिस्से को जनकपुरी के रूप में सजाया जाएगा। मंदिर में सजी अयोध्या से दोपहर दो बजे गाजे-बाजे के साथ भगवान की बरात निकाली जाएगी, जो पाटनकर बाजार, गस्त का ताजिया होते हुए वापस राम मंदिर परिसर में सजी जनकपुर पहुंचेगी। यहां भगवान राम और माता जानकी के विवाह की रस्में संपूर्ण होंगी। शाम के समय भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाएगा। वहीं चावड़ी बाजार स्थित नगरकर श्रीराम मंदिर में भी इस दिन भगवान के विवाह संबंधी कार्यक्रम होंगे। मंदिर प्रवक्ता निशिकांत सुरंगे ने बताया कि विवाह पंचमी पर राम बारात नगरकर श्रीराम मंदिर से नैना पैलेस की ओर शाम चार बजे रवाना होगी। कई मार्गों से गुजरकर बरात फिर से मंदिर पहुंचेगी। शाम सात बजे भगवान राम और सीता का विवाह होगा। इसमें दशरथ की भूमिका में सुभाष नगरकर और जनक की भूमिका में श्याम लाल बंसल रहेंगे।

सनातन धर्म मंदिर में सजेगा मंडपः श्री सनातन धर्म मंदिर में राम सीता विवाह होगा। ठीक शाम पांच बजे अचलेश्वर महादेव से भगवान श्रीराम की भव्य बरात शहनाई वादन के साथ निकलेगी, जो सनातन धर्म मंदिर प्रांगण पहुंचेगी। बरात में भगवान श्रीराम अपने भाई लक्ष्मण, भरत, शत्रुघन के साथ पालकी में विराजमान होंगे। बघ्घी में भगवान श्रीराम के स्वरूप, आचार्य वशिष्ठ के रूप में आचार्य रमाकांत शास्त्री रहेंगे। बरातियों में कार्यकारिणी सदस्य और भक्त शामिल रहेंगे। विवाह स्थल श्री सनातन धर्म मंदिर में कन्या पक्ष के जनक स्वरूप श्यामलाल विमला देवी अग्रवाल द्वाराचार की रस्म निभाएंगे। कन्या पक्ष की आरे से कल्पना त्रिपाठी, निधि त्रिपाठी और रचना भटीजा रहेंगी। श्रीचक्रधर हाल में बने मंच पर वरमाला का कार्यक्रम होगा। यहां विवाह का मंडप सजाया जाएगा। जिसमें राम जानकी का विवाह होगा।

शुभ ग्रहों की प्रधानता मांगलिक कार्यों के लिए श्रेष्ठः विवाह पंचमी के दिन ग्रह नक्षत्रों की विशेष स्थिति से शुभ योग बन रहे हैं। इस दिन चंद्रमा श्रवण नक्षत्र के साथ मकर राशि में सूर्य, मंगल, बुध वृश्चिक राशि में गुरु कुंभ राशि में राहु वृषभ राशि में रहेंगे। ज्योतिषाचार्य डा. सतीश सोनी के अनुसार आठ दिसंबर बुधवार को गोचर आकाश मंडल में ग्रहों की स्थिति इस मुहूर्त की शुद्घता को बढ़ाएंगे। वही चंद्रमा का स्वयं के नक्षत्र श्रवण में होना भी शुभ होगा। शुभ ग्रहों की प्रधानता होने के कारण यह दिन मांगलिक कार्यों लिए सर्वश्रेष्ठ रहेगा। वृद्घि कारक रवि योग भी बन रहा है।

Posted By: vikash.pandey

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